“नक्षत्र और राशि: आकाश को देखने की दो खिड़कियाँ”

डॉ मुकेश 'असीमित' Mar 23, 2026 India Story \बात अपने देश की 1

नक्षत्र और राशि एक ही चीज़ नहीं—वे आकाश को देखने की दो अलग खिड़कियाँ हैं। नक्षत्र चंद्र की गति से बने हैं, राशि सूर्य के चक्र से। पंचांग पहले गति को समझता है, फिर इकाई बनाता है—यही उसका विज्ञान है। जब हम समझते हैं कि समय के दो मान साथ चल रहे हैं, तब त्योहारों की बदलती तारीख़ें समझ में आने लगती हैं।

तिथि का विज्ञान-पंचांग का रहस्य

डॉ मुकेश 'असीमित' Mar 18, 2026 India Story \बात अपने देश की 0

अष्टमी कोई आस्था नहीं, एक सटीक खगोलीय मापन है—12 डिग्री का अंतर। तिथि समय नहीं, कोण है—घंटों में नहीं, डिग्री में मापी जाती है। पंचांग घड़ी से नहीं, आकाश से समय पढ़ता है—यही उसका विज्ञान और सौंदर्य है। जब हम तिथि को “डेट” समझते हैं, तब भ्रम पैदा होता है; जब उसे खगोलीय भाषा समझते हैं, सब स्पष्ट हो जाता है।