दिव्यांग दिवस : अपूर्ण देह में पूर्ण आकाश की उड़ान

डॉ मुकेश 'असीमित' Dec 3, 2025 Important days 1

दिव्यांग दिवस हमें याद दिलाता है कि मनुष्य का माप उसकी देह की सीमाओं से नहीं, उसके हृदय की ऊँचाई से होता है। जो अपूर्ण देह में भी पूर्ण आकाश लेकर चलते हैं—उनकी तेजस्विता, साहस और जीवन-संघर्ष समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। यह दिवस हमें दया नहीं, सम्मान और समानता का संकल्प देता है।

अपूर्ण देह में पूर्ण आकाश – एक गीत

डॉ मुकेश 'असीमित' Dec 3, 2025 Blogs 2

अधूरी देह में भी पूरा आकाश बसता है—यह कविता जीवन की बाधाओं में छिपी अनंत संभावनाओं और साहस के उजाले को आवाज़ देती है।जब दुनिया सीमाएँ गिनाती है, तब हम अपने भीतर की उड़ान खोजते हैं। यह गीत प्रतिकूलताओं के बीच जिजीविषा का घोष है।