पुस्तक समीक्षा-भारत का आदिवासी राबिनहुड टंट्या मामा

Vivek Ranjan Shreevastav Jan 30, 2026 Book Review 0

यह पुस्तक भारत के उस आदिवासी राबिनहुड की कथा है, जिसने जंगलों से निकलकर अंग्रेजी सत्ता और जमींदारी शोषण को खुली चुनौती दी। टंट्या मामा केवल योद्धा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक मार्गदर्शक और दूरदर्शी जननायक थे, जिनका जीवन जल-जंगल-जमीन के संघर्ष को समर्पित रहा। उपन्यास आदिवासी समुदाय की सामूहिक चेतना, साहस और न्यायप्रियता को सरल, रोचक और प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत करता है।

एक चिट्ठी भारत माँ के नाम

Neha Jain Aug 14, 2025 Blogs 2

भारत माँ को लिखी बेटी की भावनात्मक चिट्ठी, जिसमें अतीत के गौरवशाली भारत और वर्तमान की विडंबनाओं का तुलनात्मक चित्रण है। वीरता, सांस्कृतिक सौहार्द और नैतिक मूल्यों से लेकर आज के स्वार्थ, भ्रष्टाचार और नैतिक पतन तक की यात्रा का मार्मिक बयान।