विश्व पृथ्वी दिवस : चेतना का अंतिम निमंत्रण

डॉ मुकेश 'असीमित' Apr 22, 2026 Culture 0

धरती संकेत दे रही है, पर मनुष्य उन्हें अनसुना कर रहा है। विश्व पृथ्वी दिवस क्या केवल उत्सव बनकर रह गया है या यह आत्मपरीक्षण का अवसर है—यह लेख इसी प्रश्न को गहराई से टटोलता है।

इलाज की भरमार, बीमारी ज़िंदा है

डॉ मुकेश 'असीमित' Feb 11, 2026 Health And Hospitals 0

“यह समस्या केवल चिकित्सा जगत तक सीमित नहीं है। यह समाज, मनुष्य, राजनीति, पर्यावरण और नैतिकता—सबमें एक साथ फैली हुई बीमारी है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि हर जगह इलाज चल रहा है, पर बीमारी ठीक नहीं हो रही—क्योंकि इलाज ही ग़लत है।” आज की दुनिया में सबसे बड़ा संकट बीमारी का नहीं, बल्कि बीमारी की पहचान का संकट है। मन की बीमारियों के लिए मोटिवेशनल वीडियो, पर्यावरण के लिए सम्मेलन, राजनीति के लिए भावनात्मक नारे— ये सब प्लेसीबो हैं। जब नक़ली इलाज सामान्य हो जाता है, तब असली मौतें सिर्फ़ आँकड़े बनकर रह जाती हैं।