डॉ मुकेश 'असीमित'
Aug 11, 2025
व्यंग रचनाएं
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ट्रेडमिल बड़े जोश से घर आया, पर महीने भर में कपड़े सुखाने का स्टैंड बन गया। जैकेट, साड़ियाँ, खिलौने सब उस पर लटकने लगे। वज़न घटाने का सपना ‘वज़न ढोने’ में बदल गया। अब वो स्टोर रूम में उम्र-क़ैद काट रहा है, और तोंद, सरकार की रिश्वत की तरह, फलती-फूलती जा रही है।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 12, 2025
English-Write Ups
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A man’s life is a cycle of questions—“Did you eat?”, “How’s the job?”, “Do you love me?”—and no answer ever sets him free.
डॉ मुकेश 'असीमित'
Apr 29, 2024
Blogs
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चुगली घुट्टी –आओ चुगली करें – व्यंग रचना आज हम बात करेंगे एक बहुत ही दिलचस्प शब्द जिसे सुनकर आपका दिल गुदगुदा जाएगा – “चुगली”। ये एक ऐसा शब्द है जो चिरकालीन भारतीय परम्परा में ग्राहणियों के लिए सबसे बड़ा स्ट्रेस बस्टर और पूजनीया चमचों के लिए सबसे बड़ा संसाधन है। यूं तो हमारे जीवन […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 3, 2020
Lifestyle
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ऑनलाइन शॉपिंग आज सिर्फ़ ख़रीदारी नहीं रही, यह धैर्य, विवेक और पासवर्ड-स्मरण शक्ति की परीक्षा बन चुकी है।
जहाँ एक तरफ़ “डिस्काउंट” मुस्कुराता है, वहीं दूसरी ओर शिपिंग चार्ज, रिस्टॉकिंग फीस और रिफर्बिश्ड सच आँख मारता है।
सही खरीदार वही है जो “BUY NOW” दबाने से पहले दिमाग़ का Wi-Fi ऑन रखे।