‘मुझे भी बिकना है ‘-व्यंग रचना

डॉ मुकेश 'असीमित' Jun 4, 2024 व्यंग रचनाएं 0

शास्त्रीय संगीतकार च्यवनप्राश के विज्ञापन में नजर आ रहे हैं, कला का भी बाजार लग गया है। जब कला का मूल्य लग सकता है, तो कलाकार का क्यों  नहीं? कला ,संस्कृति जहा देखने सुनने महसूस करने और अपने रूह को उन्नत करने के लिए थी,अब सिर्फ प्रदर्शन की वस्तु हो गयी है.तालियाँ कला के प्रदर्शन […]