चौबे जी हो गये डब्बे जी-आरोप, गाली और गले मिलन की व्यंग्य गाथा

Ram Kumar Joshi Jun 9, 2026 व्यंग रचनाएं 2

लोकतंत्र, राजनीतिक बहस, आरोप-प्रत्यारोप और पंचायत की अराजकता पर आधारित डॉ. राम कुमार जोशी का तीखा एवं हास्यपूर्ण हिंदी व्यंग्य।

टैंकर देखकर प्यास बुझाओ

Pradeep Audichya Jun 7, 2026 व्यंग रचनाएं 0

"टैंकर देखकर प्यास बुझाओ" प्रसिद्ध व्यंग्यकार प्रदीप औदिच्य की एक मार्मिक और तीखी व्यंग्य रचना है, जिसमें ग्रामीण भारत की जल समस्या, सरकारी विभागों की लालफीताशाही, कागजी विकास, हैंडपंपों की दुर्दशा और फोटो-आधारित राजनीति पर करारा कटाक्ष किया गया है।

साहित्य में विज्ञान का विलोम प्रयोग

डॉ मुकेश 'असीमित' May 7, 2026 व्यंग रचनाएं 0

जब साहित्य प्रयोगशाला बन जाए, पुरस्कार गुरुत्वाकर्षण से गिरने लगें और चापलूसी ‘सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट’ की जगह ले ले — तब न्यूटन, आर्किमिडीज़ और डार्विन भी व्यंग्य में प्रवेश कर जाते हैं। डॉ. मुकेश ‘असीमित’ का समकालीन साहित्य पर तीखा, चुटीला और वैज्ञानिक कटाक्ष।

पार्टी अध्यक्ष का विलाप-कुर्सी, विश्वासघात और लोकतंत्र का तमाशा

डॉ मुकेश 'असीमित' Apr 28, 2026 व्यंग रचनाएं 0

“मंच सूना है, माइक उदास है, और अध्यक्ष महोदय की कुर्सी… बस वही एक चीज़ है जिसे वे पूरे विश्वास से पकड़कर बैठे हैं—जैसे लोकतंत्र की आखिरी उम्मीद उसी के चार पैरों पर टिकी हो।”

देशभक्ति वर्क फ्रॉम होम: डिजिटल क्रांतिकारियों पर तीखा व्यंग्य

डॉ मुकेश 'असीमित' Apr 25, 2026 व्यंग रचनाएं 0

देशभक्ति वर्क फ्रॉम होम अब देखिए, देश बदला है तो जाहिर है देशभक्ति भी बदली है। अब आप भी कहाँ पुराने देशभक्ति का राग छेड़ने लगे हैं… गया वो ज़माना जब देशभक्ति हल चलाते किसान के पसीने में टपकती थी, सैनिक की वर्दी में शान से सीना उठाए चलती थी, और देश के युवा खून […]

The Tail of Caste: Democracy’s Most Reliable Organ

डॉ मुकेश 'असीमित' Apr 17, 2026 Humour 0

What if humans never lost their tails—or worse, replaced them with something far more powerful? This biting satire explores how caste has become the invisible tail that defines identity, power, and democracy in India.

लाइन में खड़े रहने का हुनर: भारतीय जीवन की सबसे बड़ी स्किल पर व्यंग्य

Prem Chand Dwitiya Apr 15, 2026 व्यंग रचनाएं 1

भारतीय समाज में लाइन में लगना एक कला बन चुकी है—गैस सिलेंडर से लेकर ऑनलाइन बुकिंग तक। पढ़िए एक रोचक और तीखा व्यंग्य “लाइन में खड़े रहने का हुनर”।

कहानी: मनुष्य का सबसे बड़ा आविष्कार

डॉ मुकेश 'असीमित' Mar 30, 2026 India Story \बात अपने देश की 0

मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत उसकी कल्पना नहीं, बल्कि उस कल्पना पर सामूहिक विश्वास है। धर्म, पैसा, राजनीति—सब कहानियों के धागों से बुनी हुई संरचनाएँ हैं।

राष्ट्रीय गधा पालन योजना

डॉ मुकेश 'असीमित' Mar 12, 2026 व्यंग रचनाएं 0

सरकार की पशुपालन योजना में गाय-भैंस को तो जगह मिल गई, पर गधे को अभी भी पहचान का इंतजार है। गधा गणना में घटती संख्या ने विशेषज्ञों को चौंका दिया है। इस व्यंग्य में गधा संरक्षण, पति पंजीकरण और पड़ोसी देशों की गधाग्राही अर्थव्यवस्था के बहाने समाज और व्यवस्था पर हल्का-फुल्का कटाक्ष किया गया है।