आजाद गजल-देश पर एहसान उनके

Prahalad Shrimali Sep 21, 2025 हिंदी कविता 0

“आजाद ग़ज़ल” जीवन, समाज और राष्ट्र के विरोधाभासों का जीवंत चित्र खींचती है। माँ की गोद में मासूमियत है तो जंगलों के कटने पर पत्तों का प्रतिरोध भी। सूरज क्रोध में है, धरती धधक रही है, राजनीति अपने होश में है और सैनिक मौन प्रहरी की तरह खड़ा है।