मौसम और डिजिटल दरबार: भविष्यवाणियों पर तीखा व्यंग्य

Prem Chand Dwitiya Sep 4, 2026 व्यंग रचनाएं 0

सोशल मीडिया के डिजिटल दरबारों ने घाघ-भड्डरी की लोक-कहावतों से लेकर मौसम विभाग तक सबको पीछे छोड़ दिया है। पढ़िए मौसम की ऑनलाइन भविष्यवाणियों और किसानों की उलझनों पर डॉ. प्रेमचंद द्वितीय का चुटीला व्यंग्य।