Prem Chand Dwitiya
May 19, 2026
व्यंग रचनाएं
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कॉकरोच बिरादरी पर सिस्टम पर हमले का आरोप लगते ही तिलचट्टों की आपात बैठक बुला ली गई। बैठक में वृद्ध, युवा, पर्यावरण प्रेमी और राजनीतिक चेतना से लैस कॉकरोचों ने मनुष्य जाति पर पलटवार किया। उनका सीधा सवाल था—हम तो किचन वेस्ट खाते हैं, जंगलों की तबाही झेलते हैं, मिट्टी को उर्वर बनाते हैं; असली निकृष्ट जीव कौन है?
Dr Shailesh Shukla
May 8, 2026
Agriculture/environment
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पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन क्यों आवश्यक है? जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, सतत विकास, जल संरक्षण, जंगल, ऊर्जा और भारत के भविष्य पर आधारित विस्तृत हिंदी लेख पढ़ें।
Dr. Mulla Adam Ali
Jun 23, 2025
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जंगल केवल पेड़ों और जानवरों का घर नहीं, बल्कि हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। यह हरियाली, शांति, और जैव विविधता का प्रतीक हैं, जो धरती को संतुलन और सांसें प्रदान करते हैं। लेकिन आज मानवीय लालच और विकास की अंधी दौड़ ने इन प्राकृतिक धरोहरों को संकट में डाल दिया है। प्रस्तुत कविता “जंगल […]