क्या हम सचमुच स्वतंत्र हैं — या केवल प्रोग्राम्ड जीवन जी रहे हैं?
हम अपने निर्णयों को स्वतंत्र मानते हैं, पर क्या वे सच में हमारे हैं? जब तक हम अपनी आदतों, भय और उधार की इच्छाओं को पहचान नहीं लेते, तब तक हम प्रतिक्रिया-प्रधान जीवन जीते हैं। जागरूकता ही वास्तविक स्वतंत्रता का प्रारंभ है।