पंचांग: परंपरा नहीं, चलता हुआ गणित

डॉ मुकेश 'असीमित' Mar 18, 2026 India Story \बात अपने देश की 0

पंचांग कोई पोथी नहीं, हर साल दोहराई जाने वाली एक जीवित गणना है। पंडित भविष्यवाणी नहीं करता, वह खगोलीय मॉडल के आधार पर गणना करता है। सूर्य सिद्धांत आस्था नहीं, सूत्रों और गणित की भाषा में लिखा एक खगोल ग्रंथ है। पंचांग इसलिए जीवित है क्योंकि उसमें बदलाव को परंपरा का विरोध नहीं, उसका हिस्सा माना गया।