पावरलेस बर्थडे के फूल : राजनीति, होर्डिंग्स और भीड़तंत्र पर तीखा हास्य-व्यंग्य

Prem Chand Dwitiya May 25, 2026 व्यंग रचनाएं 1

जब सत्ता चली जाती है तो फूल भी कृत्रिम लगने लगते हैं। “पावरलेस बर्थडे के फूल” राजनीति, भीड़तंत्र, होर्डिंग संस्कृति और लोकतांत्रिक नौटंकी पर करारा हास्य-व्यंग्य प्रस्तुत करती है।

मदर्स डे –एक दिन की चांदनी फिर अँधेरी…

डॉ मुकेश 'असीमित' May 11, 2025 Blogs 0

एक तीखा हास्य-व्यंग्य जो दिखावे के मदर्स डे और असल माँ के संघर्षों के बीच की खाई को उजागर करता है। सोशल मीडिया की चमक के पीछे वो माँ छुपी है, जो आज भी बिना शिकायत अपने बच्चों की खुशियाँ बुन रही है — रोटी सेंकते हुए, ममता लुटाते हुए। पढ़िए, मुस्कुराइए और सोचिए — क्या एक पोस्ट ही काफी है उस ममता के लिए?