बचपन : अनुशासन की पहली क़ैद या स्वतंत्रता का पहला उत्सव?

डॉ मुकेश 'असीमित' Dec 30, 2025 Lifestyle 0

हम बच्चे के हाथ में खिलौना नहीं, भविष्य थमा देते हैं।” “शरारत दोष नहीं, जीवन की पहली प्रयोगशाला है।” “थोपे गए संस्कार अनुशासन पैदा करते हैं, चेतना नहीं।” “गलती न करने का अभिनय, गलती करने से ज़्यादा अनैतिक है।” “जिस बचपन में शरारत मर जाती है, उस जीवन में साहस कभी जन्म नहीं लेता।”