अपना सनातन धर्म: वेद से वेदान्त तक भारतीय ज्ञान-परंपरा का सरल परिचय

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 23, 2026 Darshan Shastra Philosophy 0

सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि सृष्टि, आत्मा, परमात्मा, वेद, उपनिषद, दर्शन, भक्ति, योग और मानव जीवन को समझने वाली विशाल ज्ञान-परंपरा है। इस लेख में पंचमहाभूत, चार वेद, षड्दर्शन, नवधा भक्ति, सप्तर्षि, 33 देवता, नवग्रह, मन्वंतर और अन्य प्रमुख वैदिक-वेदोत्तर अवधारणाओं को सरल भाषा में समझिए।

देवव्रत, वेद और स्मृति की पराकाष्ठा : एक बालक, दो हज़ार मंत्र और अनंत परंपरा

डॉ मुकेश 'असीमित' Dec 5, 2025 Darshan Shastra Philosophy 0

देवव्रत महेश रेखे ने सिर्फ 19 वर्ष की उम्र में शुक्ल यजुर्वेद के 2000 मंत्रों का दंडक्रम स्मृति से पारायण कर दिखाया। यह केवल धार्मिक चमत्कार नहीं, बल्कि मानव मस्तिष्क की क्षमता, वैदिक स्मृति-विज्ञान और हमारी श्रुति-परंपरा की जीवंत प्रयोगशाला है। यह कथा बताती है कि जहाँ दुनिया किताबों पर निर्भर है, वहाँ भारत अब भी चेतना पर ज्ञान लिखता है।

गोपाष्टमी : गो, गृह और गंगा की तरह पवित्र — हमारी सभ्यता का अदृश्य आधार

डॉ मुकेश 'असीमित' Oct 31, 2025 Culture 0

गोपाष्टमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता की जड़ों का उत्सव है — वह दिन जब हम यह स्मरण करते हैं कि हमारी संस्कृति, हमारी खेती, और हमारा जीवन — सब गो के उपकार पर टिका है। गोबर से लीपे आँगन, दूध से पोषित पीढ़ियाँ और बैल से चलती हल की रेखाएँ — यही तो भारत का असली तंत्र है।

“ऋग्वेद: ज्ञान के आदिम सागर की यात्रा”

डॉ मुकेश 'असीमित' Sep 27, 2025 Darshan Shastra Philosophy 0

भाग 1 कल्पना कीजिए वह समय, जब हाथ में कलम नहीं, कंधों पर कथा थी; जब ज्ञान कागज़ पर नहीं, स्मृति की नसों में दौड़ता था। वही समय, वही स्वर, वही अनुगूँज है जिसे हम आज ऋग्वेद कहते हैं—ऐसी धरोहर जो लिखे जाने से पहले सुनी गई, गुनगुनाई गई, श्वासों में बसाई गई। श्रुति इसलिए […]