स्वेच्छा है भी… और नहीं भी

डॉ मुकेश 'असीमित' Mar 31, 2026 Darshan Shastra Philosophy 0

फ्री विल पूर्ण स्वतंत्रता नहीं, बल्कि दिशा चुनने की क्षमता है—जहाँ मनुष्य प्रकृति के प्रवाह से ऊपर उठने का साहस करता है।स्वतंत्र इच्छा वहीं जन्म लेती है, जहाँ मनुष्य अपने भीतर उठे विचारों को केवल देखना नहीं, बल्कि सजगता से चुनना सीखता है।

सामंजस्य या आत्म-द्रोह? झुकना कब समझदारी है और कब हार

डॉ मुकेश 'असीमित' Mar 1, 2026 Self Help and Improvements 0

झुकना हमेशा कमजोरी नहीं होता, पर भीतर से झुक जाना आत्म-द्रोह है। सच्चा सामंजस्य बाहरी संतुलन और भीतरी स्पष्टता के साथ जीना है—एडजस्ट करना, पर आत्म-सम्मान को गिरवी न रखना।

जीवन ही दर्पण है: सत्य बाहर नहीं, अनुभव में है

डॉ मुकेश 'असीमित' Feb 26, 2026 Self Help and Improvements 0

सत्य सिद्धांतों में नहीं, हमारे दैनिक व्यवहार और निर्णयों में प्रकट होता है। जब हम अपने जीवन को साक्षी भाव से देखना शुरू करते हैं, तब अनुभव ही हमारा शिक्षक बन जाता है और सत्य स्वयं स्पष्ट होने लगता है।