देवव्रत, वेद और स्मृति की पराकाष्ठा : एक बालक, दो हज़ार मंत्र और अनंत परंपरा

डॉ मुकेश 'असीमित' Dec 5, 2025 Darshan Shastra Philosophy 0

देवव्रत महेश रेखे ने सिर्फ 19 वर्ष की उम्र में शुक्ल यजुर्वेद के 2000 मंत्रों का दंडक्रम स्मृति से पारायण कर दिखाया। यह केवल धार्मिक चमत्कार नहीं, बल्कि मानव मस्तिष्क की क्षमता, वैदिक स्मृति-विज्ञान और हमारी श्रुति-परंपरा की जीवंत प्रयोगशाला है। यह कथा बताती है कि जहाँ दुनिया किताबों पर निर्भर है, वहाँ भारत अब भी चेतना पर ज्ञान लिखता है।

आत्मबोध से विश्वबोध तक — चेतना की वह यात्रा जो मनुष्य को ‘मैं’ से ‘हम’ बनाती है

डॉ मुकेश 'असीमित' Oct 15, 2025 Darshan Shastra Philosophy 0

"जब मनुष्य अपने भीतर के ‘मैं’ से जागता है, तभी उसके बाहर का ‘हम’ जन्म लेता है। आत्मबोध से विश्वबोध की यह यात्रा केवल ध्यान या साधना नहीं, बल्कि समरसता, करुणा और दायित्व का जागरण है — जहाँ व्यक्ति स्वयं से उठकर सम्पूर्ण सृष्टि का अंग बन जाता है।"