गीता सार: कर्तव्य, समत्व और समर्पण का जीवन-दर्शन

डॉ मुकेश 'असीमित' Feb 24, 2026 Darshan Shastra Philosophy 0

गीता हमें सिखाती है कि जीवन का सबसे बड़ा संकट युद्ध नहीं, निर्णयहीनता है। कर्तव्य करते हुए फलासक्ति त्यागना, समत्व में स्थिर रहना और भीतर के सत्य की शरण लेना ही गीता का सार है।

सम्पूर्ण गीता: दर्शन, समन्वय और आधुनिक जीवन का मार्ग

डॉ मुकेश 'असीमित' Feb 21, 2026 Blogs 0

गीता किसी एक दर्शन का ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन का समन्वय है। सांख्य से विश्लेषण, योग से अभ्यास, वेदान्त से दृष्टि, भक्ति से करुणा और कर्मयोग से आचरण — गीता आज भी मनुष्य को संतुलन, समत्व और जिम्मेदारी का मार्ग दिखाती है।