डॉ मुकेश 'असीमित'
Mar 20, 2026
India Story \बात अपने देश की
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समस्या सुविधा में नहीं, उसे ही ज्ञान मान लेने में है।
ग्रेगोरियन कैलेंडर समय बताता है, पंचांग समय को समझाता है।
समय रेखा नहीं, एक चक्र है—लौटता हुआ, बदलता हुआ।
जब हम समय को केवल मापते नहीं, महसूस भी करते हैं—तभी समझ पूरी होती है।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Mar 18, 2026
India Story \बात अपने देश की
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अष्टमी कोई आस्था नहीं, एक सटीक खगोलीय मापन है—12 डिग्री का अंतर।
तिथि समय नहीं, कोण है—घंटों में नहीं, डिग्री में मापी जाती है।
पंचांग घड़ी से नहीं, आकाश से समय पढ़ता है—यही उसका विज्ञान और सौंदर्य है।
जब हम तिथि को “डेट” समझते हैं, तब भ्रम पैदा होता है; जब उसे खगोलीय भाषा समझते हैं, सब स्पष्ट हो जाता है।