सांता क्लॉज को एक चिट्ठी
यह व्यंग्यात्मक चिट्ठी एक मध्यमवर्गीय व्यक्ति की उन इच्छाओं का दस्तावेज़ है, जो सरकारों, बैंकों और व्यवस्थाओं से निराश होकर सीधे सांता क्लॉज़ तक पहुँचती हैं। मोज़ों से लेकर स्विस अकाउंट, बिजली बिल से लेकर बॉस की मीटिंग तक—यह रचना हास्य, विडंबना और करुणा के बीच झूलती एक सच्ची सामाजिक तस्वीर पेश करती है।