यारों का साथ है: Friendship Day पर दोस्तों को समर्पित एक भावपूर्ण हिंदी गीत

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 1, 2026 Culture 0

“यारों का साथ है” दोस्ती, कॉलेज जीवन, हॉस्टल की यादों, road trips और वर्षों बाद होने वाले reunion को समर्पित एक मौलिक Indie Pop-Rock Friendship Anthem है। पढ़िए गीत की कहानी और संपूर्ण बोल तथा YouTube पर सुनिए पूरा गीत।

जय जगन्नाथ – रथ पर सवार प्रभु आए

डॉ मुकेश 'असीमित' Jul 17, 2026 Culture 0

भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा पर आधारित यह मौलिक भक्ति गीत श्रद्धा, समानता और प्रेम का संदेश देता है। पढ़ें रथयात्रा की कथा और सुनें पूरा गीत।

किसी और की धड़कनों की उम्मीद है — एक थैली रक्त की

डॉ मुकेश 'असीमित' Jun 13, 2026 Health And Hospitals 0

रक्तदान केवल रक्त देना नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति को जीवन का दूसरा अवसर देना है। एक थैली रक्त किसी थैलेसीमिया बच्चे, दुर्घटना पीड़ित या कैंसर मरीज की धड़कन बन सकती है।

विश्व पृथ्वी दिवस : चेतना का अंतिम निमंत्रण

डॉ मुकेश 'असीमित' Apr 22, 2026 Culture 0

धरती संकेत दे रही है, पर मनुष्य उन्हें अनसुना कर रहा है। विश्व पृथ्वी दिवस क्या केवल उत्सव बनकर रह गया है या यह आत्मपरीक्षण का अवसर है—यह लेख इसी प्रश्न को गहराई से टटोलता है।

हनुमान जयंती विशेष: बल, भक्ति और विश्वास का अद्भुत संगम

डॉ मुकेश 'असीमित' Apr 2, 2026 Important days 0

हनुमान जयंती पर प्रस्तुत यह लेख हनुमान जी के पराक्रम से आगे बढ़कर उनके भक्ति, विश्वास और आंतरिक शक्ति के स्वरूप को समझने का प्रयास है—जहाँ हर मनुष्य के भीतर छिपे सामर्थ्य को जगाने का संदेश मिलता है।

अप्रैल फूल बनाया — उनको ग़ुस्सा आया

डॉ मुकेश 'असीमित' Apr 1, 2026 Important days 0

अप्रैल फूल अब एक दिन का त्योहार नहीं रहा, बल्कि समाज का स्थायी चरित्र बन चुका है—जहाँ राजनीति, मीडिया और सोशल मीडिया मिलकर रोज़ाना जनता को नए-नए रूपों में मूर्ख बनाते हैं, और जनता इसे मनोरंजन समझकर स्वीकार भी कर लेती है।

राम तत्व: सत्ता से संवेदना तक – एक आंतरिक यात्रा

डॉ मुकेश 'असीमित' Mar 27, 2026 Culture 0

क्या राम केवल एक ऐतिहासिक पात्र हैं या हमारे भीतर की एक चेतना? यह लेख राम को देह से तत्व तक समझने की एक गहन यात्रा है, जो बताता है कि राम किसी धर्म तक सीमित नहीं बल्कि मानवता की सर्वोच्च संवेदनशील अवस्था हैं।

गणगौर  : स्मृतियों के आँगन में सजी एक जीवित परंपरा

डॉ मुकेश 'असीमित' Mar 21, 2026 Culture 0

गणगौर केवल एक लोकपर्व नहीं, बल्कि स्त्री-जीवन की भावनाओं, आशाओं और सौंदर्य का उत्सव है। गाँव की उन गलियों में, जहाँ गीतों के साथ रिश्ते भी गूंजते थे, यह पर्व सचमुच “जीया” जाता था—न कि केवल निभाया जाता था।

दुर्गा सप्तशती: भीतर के असुरों से युद्ध और देवी का जागरण

डॉ मुकेश 'असीमित' Mar 20, 2026 Book Review 0

हम दुर्गा सप्तशती को अक्सर केवल पूजा का ग्रंथ मानते हैं, लेकिन यह हमारे भीतर चल रहे संघर्षों की कथा है। मधु-कैटभ से लेकर रक्तबीज तक—हर असुर हमारे मन के किसी विकार का प्रतीक है, और देवी वह चेतना है जो हमें इनसे मुक्त करती है।

काहे का महिला दिवस…?

डॉ मुकेश 'असीमित' Mar 8, 2026 Important days 0

महिला दिवस पर मंचों, भाषणों और सोशल मीडिया के शोर के बीच एक सवाल बार-बार उठता है—क्या सचमुच महिलाओं के जीवन में कुछ बदलता है? यह व्यंग्य रचना उसी विडंबना को उजागर करती है, जहाँ सम्मान के समारोह तो बहुत हैं, पर असली महिला आज भी श्रम, जिम्मेदारियों और असमानताओं के चक्र में उलझी हुई है।