Dr Shailesh Shukla
Apr 11, 2026
India Story \बात अपने देश की
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पाँच राज्यों के 824 विधानसभा सीटों पर हो रहे चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन की लड़ाई नहीं, बल्कि महँगाई, विकास और राजनीतिक बहुलवाद के बीच भारत की लोकतांत्रिक परिपक्वता की बड़ी परीक्षा हैं।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Apr 10, 2026
English-Write Ups
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Today’s wars are no longer fought merely at borders—they are battles of supply chains, energy, technology, and narratives. In this complex global chessboard, India is emerging as a pivot state that is not only maintaining balance but is gradually reaching a position where it can influence the game itself.
डॉ मुकेश 'असीमित'
Apr 9, 2026
Foreign Affair
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ईरान, ताइवान, रूस और वेनेज़ुएला के बीच चल रहे वैश्विक तनाव के बीच भारत एक निर्णायक भूमिका में उभर रहा है, जहाँ संतुलन, रणनीति और कूटनीति ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
Dr Shailesh Shukla
Apr 5, 2026
India Story \बात अपने देश की
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सोशल मीडिया ने एक देश में कई समानांतर वास्तविकताएँ बना दी हैं
एल्गोरिद्म हमें वही दिखाते हैं जो हम देखना चाहते हैं
झूठी खबरें सच्चाई से तेज़ फैलती हैं
डिजिटल ध्रुवीकरण लोकतंत्र के लिए खतरा बन चुका है
डॉ मुकेश 'असीमित'
Mar 30, 2026
India Story \बात अपने देश की
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मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत उसकी कल्पना नहीं, बल्कि उस कल्पना पर सामूहिक विश्वास है। धर्म, पैसा, राजनीति—सब कहानियों के धागों से बुनी हुई संरचनाएँ हैं।
Dr Shailesh Shukla
Mar 29, 2026
India Story \बात अपने देश की
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भारत के शहरों में फुटपाथों का गायब होना सिर्फ अव्यवस्था नहीं, बल्कि शहरी नियोजन की विफलता और सामाजिक असमानता का प्रतीक बन चुका है।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Mar 27, 2026
Culture
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क्या राम केवल एक ऐतिहासिक पात्र हैं या हमारे भीतर की एक चेतना? यह लेख राम को देह से तत्व तक समझने की एक गहन यात्रा है, जो बताता है कि राम किसी धर्म तक सीमित नहीं बल्कि मानवता की सर्वोच्च संवेदनशील अवस्था हैं।
Dr Shailesh Shukla
Mar 26, 2026
Culture
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आज का बच्चा कहानियों से नहीं, एल्गोरिद्म से सीख रहा है।
क्या हम सुविधा के नाम पर उसके भावनात्मक विकास से समझौता कर रहे हैं?
डॉ मुकेश 'असीमित'
Mar 23, 2026
India Story \बात अपने देश की
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नक्षत्र और राशि एक ही चीज़ नहीं—वे आकाश को देखने की दो अलग खिड़कियाँ हैं।
नक्षत्र चंद्र की गति से बने हैं, राशि सूर्य के चक्र से।
पंचांग पहले गति को समझता है, फिर इकाई बनाता है—यही उसका विज्ञान है।
जब हम समझते हैं कि समय के दो मान साथ चल रहे हैं, तब त्योहारों की बदलती तारीख़ें समझ में आने लगती हैं।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Mar 21, 2026
Culture
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गणगौर केवल एक लोकपर्व नहीं, बल्कि स्त्री-जीवन की भावनाओं, आशाओं और सौंदर्य का उत्सव है। गाँव की उन गलियों में, जहाँ गीतों के साथ रिश्ते भी गूंजते थे, यह पर्व सचमुच “जीया” जाता था—न कि केवल निभाया जाता था।