Mahadev Prashad Premi
May 5, 2020
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कलयुग की उल्टी लीला से सभी सामना कर रहे है. कलयुग के रूप में जो उल्टी गंगा बह रही है उसका सटीक वर्णन करती हुई यह कविता आपके समक्ष प्रस्तुत है “कलयुग” कलयुग झूठ अधार है,कलयुग बेईमान,कपट, द्वेष ,पाखंड सब, हैं अवगुण की खान, है अवगुण की खान ,कि भोगी योगी बन गये,चोर लुटेरे साधु […]
Mahadev Prashad Premi
May 5, 2020
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Duniyadaari (दुनियादारी ) kundili रचना इस दिनिया के मायाजाल को देख कर बनायीं है ,कैसे मनुष्य इस मायाजाल में फंसकर अपनी साड़ी जिंदगी व्यर्थ क्र देता है और जो उसका परम उद्देश्य इस जीवन में अपने आपको पहचानने का है उसको भूल गया है.
Mahadev Prashad Premi
May 4, 2020
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जैसा की आप सभी जानते है भारतीय पाक कला विज्ञान में पुरातन काल से ही चटनी और अचार का विशेष महत्व है. हमारे नित प्रतिदिन के खानपान में इसका समावेश रहता है. यह न केवल एक प्रकार से खाने का मेनू बढाने के लिए है बल्कि इसका एक वैज्ञानिक कारन है. यहाँ भारत का परम्परिक सूप है जो भूख बढाता है तथा पाचन शक्ति की व्रद्धि करता है. आज की मेरी कविता इसी पाक विशेष "चटनी औ अचार " को समर्पित है.
Sanjaya Jain
May 3, 2020
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Here is a beautiful poem composed by Dr. Sanjay Jain. This dialogue of your own conscience will really overwhelm you.
Vyagra Pandey
May 3, 2020
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आज कोरोना संकट से जूझ रहे विश्व पर मेरी ये विशेष रचना “कोरोना की दीक्षा ” प्रस्तुत कर रहा हु. कोरोना रुपी इस बह्यानक महालाल में हर मनुष्य अपने आप को मनुष्य बनाए रखे यह इस कोरोना रुपी संकट से उबरने के लिए नितांत आवश्यक है कोरोना की दीक्षा है … “”””””””””” “””””””””””””” तू तेरे […]
Mahadev Prashad Premi
May 3, 2020
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आज की मेरी कविता लाठी को समर्पित. जी हा लाठी, हमारे देश के पुरातन काल का सबसे ज्यादा प्रचलित हथियार है जो बहुद्देशीय है और हमारी संस्कृति का एक अभिन्न अंग है. आइये जानिये कैसे लाठी का एक महत्वपूर्ण योगदान हमारी दीनिक जीवन चर्या में है इस कविता के माध्यम से “लाठी” लाठी हथियन देखकर,खड़े […]
Mahadev Prashad Premi
May 2, 2020
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आज की मेरी कविता पतंग और पतंग बाजी को समर्पित. हमारे देश में पतंगबाजी खेल एवं मनोरंजन की ऐसी विधा है जो देश के हर कोने में पायी जाती है. लोग त्यौहार या किसी खुशी के अवसर पर परिवार के साथ इस पतंबाजी का शौक पूरा करते है. देश में कई जगह पतंग महोत्सव भी […]
Mahadev Prashad Premi
Apr 30, 2020
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पूरा विशव इस कोरोना रुपी महामारी से पीड़ित है ऐसे में मुझ से भी रहा नहीं गया.एक छोटी सी रचना इस कोरोना रुपी राक्षस को समर्पित है The whole world is suffering from this corona pandemic, in such a situation, why should I be behind. A small composition is attributed to this corona monster. “कोरोना”जब […]
Mahadev Prashad Premi
Apr 28, 2020
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When the season of Rituraaj (spring) comes, it is as if the whole nature of the world is in its full swing, enjoying and celebrating the youth. Suppose that the entire earth's makeup is being done. Kavi has put these feelings in the poem and presented it to you.
Mahadev Prashad Premi
Apr 26, 2020
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This Hindi poem title राजनीती Rajneeti which English meaning is politics is about the politicians of those leaders who are enemies of the country and society only and only by doing dirty politics they are achieving their goal full of selfishness