डॉ मुकेश 'असीमित'
Sep 20, 2025
Poems
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भाषा और मेरा रिश्ता महज़ शब्दों का नहीं, स्मृतियों, संवेदनाओं और सांसों का जीवित संगम है। यह कभी जेब में रखी पुरानी चिट्ठी की तरह महकती है, कभी अँधेरे में लालटेन बन जाती है। भाषा मेरे लिए दिशा है, धड़कन है, और दिन-रात साथ बहती आत्मा का संगीत।
Vidya Dubey
Sep 16, 2025
हिंदी कविता
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माँ की यादों में भीगती पलकों से उठती सिसकियाँ अब कभी थमती नहीं। अनकही बातों की भीड़ में हर करवट बेचैनी बनकर जागती है। आँचल की नमी, गोदी का सुकून और अधूरी बातें—सब समय के पहिए में छूट गए। अब बस माँ का इंतज़ार ही शेष है।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Sep 15, 2025
हिंदी कविता
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एक धनाढ्य व्यक्ति, जिसने माँ के लिए महल जैसा घर बनाया था, आज बेसुध विलाप कर रहा है। माँ की हल्की करवट पर जाग जाने वाली वही माँ, महल की ऊँची दीवारों में पुकारते-पुकारते खो गई। उसकी पीड़ा यही थी—“काश ये दीवारें बोल उठतीं।” यह कहानी महज़ शोक नहीं, आधुनिक सुविधाओं में खोई मानवीय संवेदनाओं और मौन की त्रासदी का सजीव प्रतीक है।
Ram Kumar Joshi
Sep 5, 2025
हिंदी कविता
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डा. राम कुमार जोशी की यह हास्य-व्यंग्य रचना "खर्राटा संगीत" वैवाहिक जीवन की हल्की-फुल्की खटास-मीठास को चुटीले अंदाज़ में पेश करती है। इसमें पत्नी के खर्राटों को संगीत की तरह रूपायित कर बांसुरी, ढोल और खर्र-खर्र की ध्वनियों से जोड़ते हुए विनोदी चित्र खड़ा किया गया है।
Mamta Avadhiya
Sep 5, 2025
हिंदी कविता
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यह रचना माँ के प्रति गहरी भावनाओं और स्मृतियों से भीगे रिश्ते का मार्मिक चित्रण है। इसमें माँ की गोद, आँचल और मुस्कान को याद करते हुए कवि अपने मन की बेचैनी, अधूरी बातों और सपनों की ओर संकेत करता है। प्रतीक्षा और तड़प इसे और भावुक बना देती है।
Kishan Tiwari
Sep 5, 2025
गजल
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किशन तिवारी 'भोपाल' की यह ग़ज़ल जीवन की पीड़ा, संघर्ष और रिश्तों की विडंबना का गहन बयान है। इसमें मोहब्बत और विश्वास के टूटे बंधन, सच पर अडिग रहना, महफ़िल में अकेलापन और सत्ता की चुप्पी जैसे बिंब पाठक को आत्ममंथन की ओर ले जाते हैं।
Deepak Kumar
Sep 5, 2025
हिंदी कविता
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यह कविता "इंसान" जीवन की जटिलताओं और सुंदरता का संवेदनशील चित्रण है। इसमें इंसान की खुशियों की तलाश, दुखों से जूझने की क्षमता, प्रेम और पीड़ा का संतुलन, और निरंतर सीखने की प्रक्रिया को दर्शाया गया है। यह संदेश देती है कि कठिनाइयों के बावजूद इंसान सपनों और उम्मीदों से जीता है।
Vidya Dubey
Sep 3, 2025
Poems
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Life’s lessons carve resilience: smiling through pain, embracing wounds, and moving forward without complaint. This reflective piece captures the journey of learning to live with hidden sorrow, transforming agony into strength. It is about finding peace within, beyond grief and betrayal, by carrying every wound with quiet dignity.
डॉ मुकेश 'असीमित'
Aug 30, 2025
भजन -रचनाएँ
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नृसिंह भगवान का रूप भय और करुणा का अद्भुत संगम है। हिरण्यकशिपु का वध कर उन्होंने धर्म की रक्षा की और प्रह्लाद को अभय दिया। यह दिव्य अवतार दर्शाता है कि जब अत्याचार अपनी सीमा पार कर देता है, तब भगवान स्वयं आकर धर्म की स्थापना करते हैं।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Aug 28, 2025
Important days
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गणेश चतुर्थी विशेष अवसर पर प्रस्तुत वंदना में गणपति को विघ्नहरण प्रथमेश्वर, पार्वतीसुत, मोदकप्रिय, गजवदन और सिद्धिदाता के रूप में नमन किया गया है। वे करुणाकर, बुद्धिप्रदाता और भक्तजनप्रिय हैं, जो दुख हरकर मंगल का मार्ग प्रशस्त करते हैं। जगद्वंद्य गजानन का स्मरण जीवन में सुख-समृद्धि लाता है।