पर्यावरण संरक्षण एवं सुधार पर केंद्रित हो विकास की हर नीति
पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन क्यों आवश्यक है? जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, सतत विकास, जल संरक्षण, जंगल, ऊर्जा और भारत के भविष्य पर आधारित विस्तृत हिंदी लेख पढ़ें।
पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन क्यों आवश्यक है? जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, सतत विकास, जल संरक्षण, जंगल, ऊर्जा और भारत के भविष्य पर आधारित विस्तृत हिंदी लेख पढ़ें।
“आपने प्रशासन को जगाया है न? अब भुगतो। विकास की सुरसा अब खुले मुँह आपके नथुनों तक पहुँच चुकी है।”
भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका युवा मन है—साहसी, आकांक्षी और साफ़ दिल वाला। राष्ट्र-निर्माण केवल सड़क-पुल नहीं, मूल्यों और चरित्र का निर्माण है। जब युवा सेवा, उद्यमिता और नीति-भागीदारी से जुड़ते हैं, तो भविष्य आकार लेता है।
नेताजी पिछले पांच साल में जब से विधायक की कुर्सी हथियाई है, तब से प्रकृति प्रेम दिखाने के जो भी तरीके हो सकते हैं वो सभी अपनाए हैं। बंजर पड़ी चरवाहे की भूमियों को अपने अधिग्रहण करके उनमे एक आलिशान फार्म हाउस बनवाया है . उसमें पाताल तोड़ सबमर्सिबल लगाकर उसके मीठे पानी से विदेशी […]