संसदीय गलियारों में दिवंगत कवियों का महासम्मेलन-विषय बजट और बसंत

डॉ मुकेश 'असीमित' Jun 29, 2026 व्यंग रचनाएं 0

बजट आया, बसंत आया, सत्ता ने इसे बहार कहा, विपक्ष ने पतझड़ और आम आदमी ने अपनी खाली थाली देखी। इसी बीच राष्ट्रपति भवन में दिवंगत कवियों का काल्पनिक महासम्मेलन सजता है, जहाँ हर कवि अपने अंदाज़ में बजट का हिसाब पूछता है।