ओ कान्हा रे: मन को छू लेने वाला नया कृष्ण भजन | Krishna Bhajan
“ओ कान्हा रे” एक soulful Krishna Bhajan है जो राधा-कृष्ण प्रेम, मुरली की मधुरता, भक्ति, समर्पण और श्रीकृष्ण के जीवन-संदेश को सरल शब्दों में प्रस्तुत करता है। पूरा गीत सुनें
“ओ कान्हा रे” एक soulful Krishna Bhajan है जो राधा-कृष्ण प्रेम, मुरली की मधुरता, भक्ति, समर्पण और श्रीकृष्ण के जीवन-संदेश को सरल शब्दों में प्रस्तुत करता है। पूरा गीत सुनें
ॐ नमः शिवाय की शांत और soulful chanting के साथ 10 मिनट की इस शिव मंत्र ध्यान-यात्रा में तानपुरा, बाँसुरी, संतूर, वीणा, सरंगी और meditative ambience का सुंदर संगम है। जानिए शिव मंत्र की महत्ता, chanting meditation का भाव और इस प्रस्तुति के पीछे की आध्यात्मिक संगीत-यात्रा।
कबीर-दर्शन और निर्गुण भक्ति से प्रेरित छह भावपूर्ण गीतों की कहानी, संदेश और अलग-अलग YouTube लिंक पढ़ें तथा अंत में संपूर्ण कबीर भजन जुकबॉक्स सुनें।
यह रचना संत कबीर की किसी मूल वाणी का शब्दशः गायन नहीं, बल्कि कबीर के निर्गुण दर्शन से प्रेरित डॉ. मुकेश असीमित की मौलिक प्रस्तुति है।नाम बिना क्या पाया? — तन माटी रो पुतला एक भावपूर्ण Kabir Nirgun Bhajan है, जो मनुष्य को धन, शरीर और सांसारिक वैभव के अभिमान से ऊपर उठकर सच्चे नाम की ओर देखने का संदेश देता है। यह fast version कबीर-भाव से प्रेरित एक मौलिक निर्गुण रचना है। गीत याद दिलाता है कि राजमहल, सोना-चाँदी, गाजे-बाजे और शरीर का अभिमान—सब यहीं रह जाता है। अंततः मनुष्य के साथ केवल उसके कर्म, भक्ति और सच्चे नाम का सहारा जाता है।
“तन माटी रो पुतला” डॉ. मुकेश असीमित की कबीर भजन श्रृंखला की चौथी रचना है। यह निर्गुण भजन देह-अभिमान, माया, धन और जीवन की क्षणभंगुरता पर कबीर-वाणी जैसे सहज लोक-सत्य को सूफ़ियाना-फोक संगीत शैली में प्रस्तुत करता है।
शब्दों में व्यंग्य, सुरों में संवेदना और रचनाओं में अपने समय की धड़कन—‘Dr. Mukesh Aseemit Creations’ साहित्य, मौलिक संगीत, कविता, भक्ति और सामाजिक चिंतन का एक रचनात्मक YouTube मंच है।