माटी का घरौंदा रे: किस बात का घमंड? जीवन की नश्वरता समझाता कबीर निर्गुण भजन

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 22, 2026 Culture 0

माटी का घरौंदा रे… तन भी उधार, साँस भी उधार—फिर किस बात का घमंड? कबीर-भाव से प्रेरित यह मौलिक निर्गुण भजन जीवन की नश्वरता, माया के भ्रम और भीतर के सत्य की ओर लौटने का सुंदर आध्यात्मिक संदेश देता है।

कबीर भजन: आँखिन देखी और कागद की लेखी | भावार्थ

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 7, 2026 Culture 0

कबीर भजन ‘मेरा–तेरा मनुआ रे’ में अनुभव और किताबी ज्ञान का अंतर जानिए। पढ़ें इसके पदों का भावार्थ और निर्गुण फोक–रॉक संगीत-शैली का परिचय।