थर्ड एसी में दो बाल-आतंकियों के संग – एक हास्य-व्यंग्यात्मक रेल यात्रा संस्मरण
थर्ड एसी की एक साधारण-सी यात्रा कैसे दो बच्चों की वजह से हास्य और अराजकता का महाकाव्य बन जाती है—यह संस्मरण उसी अविस्मरणीय रात की कहानी है, जहाँ नींद शहीद हो जाती है और व्यंग्य जन्म लेता है।