मूषक राज स्तुति-हास्य व्यंग्य रचना

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 27, 2025 व्यंग रचनाएं 0

गणेश चतुर्थी पर जहाँ सब गणपति की स्तुति करते हैं, वहीं उनके वाहन मूषकराज की महिमा भी अद्वितीय है। छोटे आकार में विराट शक्ति का प्रतीक मूषक राज निर्माण और विनाश दोनों का पाठ पढ़ाते हैं। राजनीति की गलियों से लेकर धर्म की रणभूमि तक, उनकी चपलता और सजगता हमें सिखाती है कि सत्य के मार्ग पर बड़ा बनने के लिए आकार नहीं, बल्कि बड़ा दिल चाहिए।

किसी के लिए मरना आसान नहीं होता -कविता रचना

Vidya Dubey Aug 26, 2025 Poems 2

जीवन की कठिनाइयाँ कभी धूप की तपिश, कभी आँधियों की मार, तो कभी अपनों की बेरुख़ी के रूप में सामने आती हैं। हारना आसान है, पर टिकना निखार देता है। गिरकर उठना, अंधड़ में दीप जलाना और लहरों से जूझकर पार होना ही असली जीवन दर्शन है।

डूबने की फिलासफी-छंद रचना

Ram Kumar Joshi Aug 26, 2025 हिंदी कविता 6

डॉ. राम कुमार जोशी की कविता डूबने की फिलॉसफी जीवन के गहन व्यंग्य को सरल शब्दों में उभारती है। जीवित व्यक्ति काम-क्रोध-अभिमान के भार से डूबता जाता है, जबकि मृत देह जल पर तैर जाती है। संदेश यही है—पाप और मोह की गठरियाँ जीवन को भारी बनाती हैं।