काम करने वाला कोई नहीं घर में-satire-humor डॉ मुकेश 'असीमित' August 30, 2025 व्यंग रचनाएं 0 Comments मरीज की असली तकलीफ़ टूटी हुई हड्डी नहीं, बल्कि टूटा हुआ घर-गृहस्थी का संतुलन है। डॉक्टर जब पक्का प्लास्टर लगाने का हुक्म सुनाता है तो… Spread the love
The Tragic Tale of a Desire-Humour-Satire डॉ मुकेश 'असीमित' August 18, 2025 Satire 2 Comments “For ten days, I’ve been suffocating in the minister’s trash bin, buried under countless petitions. I was born as a ‘desire,’ a letter of hope,… Spread the love
एआई का झोला-छाप क्लिनिक डॉ मुकेश 'असीमित' August 14, 2025 व्यंग रचनाएं 2 Comments तकनीक के झोला-छाप अवतार में ChatGPT ने मरीज की देसी बोली का ऐसा शब्दशः अर्थ निकाला कि इलाज से ज़्यादा हंसी आ गई। नमक बदलने… Spread the love
ट्रेडमिल : घर आया मेहमान-हास्य व्यंग्य रचना डॉ मुकेश 'असीमित' August 11, 2025 हास्य रचनाएं 4 Comments ट्रेडमिल बड़े जोश से घर आया, पर महीने भर में कपड़े सुखाने का स्टैंड बन गया। जैकेट, साड़ियाँ, खिलौने सब उस पर लटकने लगे। वज़न… Spread the love
लिख के ले लो यार ..हास्य व्यंग्य रचना डॉ मुकेश 'असीमित' July 4, 2025 व्यंग रचनाएं 2 Comments हर मोहल्ले में एक ‘भविष्यवक्ता अंकल’ होते हैं—जो हर शुभ कार्य में अमंगल ढूँढने को व्याकुल रहते हैं। उनकी ज़ुबान पर एक ही ब्रह्मवाक्य रहता… Spread the love