World Photography Day – A Nostalgic Reflection डॉ मुकेश 'असीमित' August 19, 2025 Important days 0 Comments On World Photography Day, I look back at my 12-year journey—from a compact birthday gift camera to chasing birds at Ranthambhore and Ghana. Those days… Spread the love
मेरे घर की ये दीवारें-कविता रचना Vidya Dubey August 12, 2025 हिंदी कविता 3 Comments मेरे घर की दीवारें सिर्फ दीवारें नहीं, वे मेरी जिंदगी की साक्षी हैं। उन्होंने मुझे नाचते-गाते, रोते, सपने बुनते, सपनों के टूटने पर टूटते, झगड़ते,… Spread the love
वो घर… जहाँ मोहब्बत बिखर गई Wasim Alam August 10, 2025 कहानी 1 Comment गाँव का आधा-अधूरा घर, जहाँ कभी ढोलक की थाप और हँसी गूँजती थी, अब दो चूल्हों की दूरी में बँट चुका है। नशे, गरीबी और… Spread the love
दोस्त बदल गए हैं यार-कविता रचना डॉ मुकेश 'असीमित' August 4, 2025 हिंदी कविता 2 Comments समय की धारा में बहते हुए रिश्तों का यह मार्मिक चित्रण है — जहाँ कभी हँसी-ठिठोली, सपनों की साझेदारी और चाय की चौपाल थी, वहाँ… Spread the love
मेरी बे-टिकट रेल यात्रा-यात्रा संस्मरण डॉ मुकेश 'असीमित' July 14, 2025 संस्मरण 2 Comments हॉस्टल की ‘थ्रिल भरी’ दुनिया से निकली एक रोमांचक रेल यात्रा की कहानी, जहाँ एक मेडिकल छात्र पुरानी आदतों के नशे में बिना टिकट कोटा… Spread the love
सावन आया-हिंदी कविता Uttam Kumar July 3, 2025 हिंदी कविता 2 Comments इस कविता में सावन का रसभीना चित्र है—जहाँ झूले हैं, कजरी है, और बदरा की फुहारें हैं, वहीं किसी के पिया की दूरी आँखों में… Spread the love
मुझे भी इतिहास बनाना है -हास्य व्यंग रचना डॉ मुकेश 'असीमित' May 23, 2024 व्यंग रचनाएं 0 Comments इतिहास से जुड़ी कुछ मजेदार घटनाओं और स्कूल के दिनों की हंसी-मजाक पर आधारित है। कैसे हमारे शिक्षक ‘मारसाहब’ क्लास में सो जाते थे और… Spread the love