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Tag: Nostalgia

एक साधारण घर की दीवारें, जिन पर समय के भावनात्मक रंग चढ़े हैं — हंसी, आंसू, सपने, झगड़े, और मन की उलझनें, मानो वे सब कुछ देख-सुन रही हों।

मेरे घर की ये  दीवारें-कविता रचना

मेरे घर की दीवारें सिर्फ दीवारें नहीं, वे मेरी जिंदगी की साक्षी हैं। उन्होंने मुझे नाचते-गाते, रोते, सपने बुनते, सपनों के टूटने पर टूटते, झगड़ते,…

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दो पुराने दोस्त, अलग-अलग दिशाओं में जाते हुए, पीछे मुड़कर देखते हैं। एक कॉर्पोरेट पोशाक में, दूसरा मोबाइल में व्यस्त। उनके बीच धुँधली यादों की परछाइयाँ — स्कूल की यूनिफॉर्म, चाय की दुकान, हँसी के पल — हवा में तैरती हुई दिखाई देती हैं।

दोस्त बदल गए हैं यार-कविता रचना

समय की धारा में बहते हुए रिश्तों का यह मार्मिक चित्रण है — जहाँ कभी हँसी-ठिठोली, सपनों की साझेदारी और चाय की चौपाल थी, वहाँ…

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A comic-style train scene showing a medical student hiding nervously during a ticketless train ride, while a ticket checker enters from the opposite end. A notice about fines for ticketless travel is visible in the background.

मेरी बे-टिकट रेल यात्रा-यात्रा संस्मरण

हॉस्टल की ‘थ्रिल भरी’ दुनिया से निकली एक रोमांचक रेल यात्रा की कहानी, जहाँ एक मेडिकल छात्र पुरानी आदतों के नशे में बिना टिकट कोटा…

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"A cartoon depicting an Indian rural Hindu teacher sleeping on a chair facing the classroom students. The teacher, referred to as 'Marsahab,' is dressed in traditional rural attire. A student is reading aloud from a history book while other students recite in chorus. The background includes typical classroom elements like a blackboard, maps, and desks."

मुझे भी इतिहास बनाना है -हास्य व्यंग रचना

इतिहास से जुड़ी कुछ मजेदार घटनाओं और स्कूल के दिनों की हंसी-मजाक पर आधारित है। कैसे हमारे शिक्षक ‘मारसाहब’ क्लास में सो जाते थे और…

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