वादा तेरा वादा: वायदों की फसल और उम्मीदों का कारोबार

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 26, 2026 व्यंग रचनाएं 0

वादा एक ऐसी भविष्य की मुद्रा है, जिसे आज खर्च करके भुगतान कल पर छोड़ दिया जाता है। प्रेम, परिवार और राजनीति से लेकर चुनावी घोषणाओं तक फैले वायदों की दुनिया पर एक तीखा एवं रोचक व्यंग्य।

वादों की वाणी, विश्वास का विध्वंस : घोषणा पत्र की राजनीति पर लोकतांत्रिक लगाम

Dr Shailesh Shukla May 11, 2026 आलोचना ,समीक्षा 0

चुनावी घोषणा पत्र लोकतंत्र का सार्वजनिक वचन होते हैं, लेकिन आज वे अक्सर राजनीतिक प्रचार का साधन बनकर रह गए हैं। यह लेख चुनावी वादों की जवाबदेही, राजनीतिक नैतिकता और लोकतांत्रिक विश्वास की पुनर्स्थापना पर गंभीर विमर्श प्रस्तुत करता है।