डॉ मुकेश 'असीमित'
May 30, 2026
व्यंग रचनाएं
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क्या होगा जब रिश्वत भी UPI, EMI और क्रेडिट स्कोर पर मिलने लगे? प्रस्तुत है एक तीखा हास्य-व्यंग्य, जिसमें भ्रष्टाचार 2.0, BribeSync, रिश्वत क्रेडिट स्कोर और डिजिटल घूस की कल्पना के माध्यम से व्यवस्था की विडंबनाओं पर करारा कटाक्ष किया गया है।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Aug 9, 2025
व्यंग रचनाएं
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रक्षा बंधन पर्व का नया संस्करण—भ्रष्टाचार और रिश्वत का भाई-बहन का पवित्र रिश्ता। सत्ता और विपक्ष दोनों पंडाल में, ₹2000 की नोटों की साड़ी पहने रिश्वत के हाथों राखी बंधवाते। नकदी से भरे लिफ़ाफ़े, मुस्कुराते नेता, और बाहर झाँकती जनता। लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर भाई-भतीजावाद, दलाली और लूट का यह महापर्व हर साल मनाने का संकल्प!
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 3, 2025
व्यंग रचनाएं
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श्रीकृष्ण अर्जुन को कलियुग की विभीषिका 'रिश्वत' के स्वरूप से अवगत करा रहे हैं। पार्श्व में छिपा राक्षसी रूप और धनराशि की पोटलियाँ इस भ्रष्टाचार के मायावी विस्तार का प्रतीक हैं। यह संवाद धर्म, विवेक और युगबोध का अद्भुत मिश्रण है।