डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 2, 2025
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Peter Drucker की किताब Effective Execution में बताया गया सिद्धांत — "Large Chunks of Uninterrupted Time" — उच्च गुणवत्ता वाले कार्य का रहस्य है। यदि आप distractions हटाकर गहन एकाग्रता में काम करें, तो आपकी productivity दोगुनी हो सकती है। बस एक टाइमर सेट करें, फोकस करें और अपने MVA को पूरा करें।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 2, 2025
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महान कंपनियाँ केवल लाभ नहीं, एक दृष्टिकोण और विरासत बनाती हैं। 'गुड इज़ द एनिमी ऑफ़ ग्रेट' की अवधारणा पर आधारित यह लेख बताता है कि कैसे सही नेतृत्व, हेजहॉग कॉन्सेप्ट और सच्चे मूल्य एक कंपनी को औसत से महान बना देते हैं। एक जरूरी विचारशील पढ़ाई।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 2, 2025
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Today is International Biodiversity Day. It is celebrated every year on 22 May all over the world. It was first celebrated in the year 1993. At that time it was celebrated on 29th December. After this, since 2001, it is celebrated every year on 22 May. Its main objective is to make people aware of […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 2, 2025
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रिश्वत नहीं ये सुविधा शुल्क है -व्यंग रचना भगवत पुराण में ऐसे कई अध्याय हैं जो मौखिक रूप से ही पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित हुए हैं, उन्हें गीता के 18 अध्यायों में जोड़ने से जानबूझकर वंचित रखा गया है, क्योंकि ये मृत्युलोक में आगे कलियुग के राक्षसी रूप की भयानकता के अंश स्वरूप पृथ्वी पर […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 2, 2025
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आजकल के 99% अंक बच्चों की प्रतिभा नहीं, शिक्षा व्यवस्था की उदारता दर्शाते हैं। जहां पहले पास होना जश्न था, अब मेरिट भी बोझ है। बचपन किताबों, कोचिंग और प्रतियोगिता में गुम है। बच्चों की मासूमियत खो चुकी है, और माता-पिता की महत्वाकांक्षाएं उनका बचपन खा रही हैं।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jun 30, 2025
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डॉक्टर्स डे के दिन एक पत्रकार ‘VIP एंट्री’ की जिद पर अड़ा था। डॉक्टर की शोकेस डिग्रियों से भरी थी लेकिन वह ‘चंदा देकर सम्मानित’ होने को भी तैयार था। अंततः 'गलत इंजेक्शन' वाले रिसर्च का नाम सुनते ही पत्रकार डर से भाग गया। कटाक्ष और हँसी का जबरदस्त मिश्रण।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jun 30, 2025
Poems
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यह कविता एक बच्चे की अंतरात्मा की पुकार है—जो केवल अपने लिए जीना चाहता है, किसी की महत्वाकांक्षा की ट्रॉफी बनकर नहीं। वह अपने सपनों को जीना चाहता है, न कि दूसरों के अधूरे सपनों को ढोना। उसमें संवेदना है, विद्रोह है और मानवता की गूंज है।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jun 29, 2025
Poems
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एक डॉक्टर की आत्मा में दबी हुई करुण पुकार — जो हर दिन दूसरों के लिए जीवन की लड़ाई लड़ता है, पर खुद की वेदना अनकही रह जाती है। ऑपरेशन की छुरी थामे वो दिल थामे रहता है, जीवन और मृत्यु के द्वंद्व में उलझा, पर स्वयं के दर्द का कोई उपचार नहीं।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jun 28, 2025
Cinema Review
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पंचायत सीज़न 4 फुलेरा की उसी मिट्टी से शुरू होता है, जिसमें पहले हँसी और सादगी उगती थी — लेकिन इस बार राजनीति की परतें ज़्यादा गाढ़ी हैं। सचिव जी की सीएटी में सफलता, रिंकी का प्रेम प्रस्ताव, और प्रधान जी की हार – सब मिलकर इसे इमोशन, ड्रामा और स्थानीय राजनीति का दिलचस्प मिश्रण बनाते हैं। कहानी में थोड़ी खिंचावट ज़रूर है, लेकिन अंतिम दो एपिसोड्स में जो भावनात्मक टर्न है, वो पूरी सीरीज़ को देखने लायक बना देता है।
“गाँव वही है, कहानी गहरी हो गई है।”
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jun 27, 2025
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डॉक्टर साहब की जिंदगी पेन की कैप पर अटक गई है। कभी स्टाफ फेंक देता है, कभी चूहा चुरा लेता है! कैपविहीन पेन की स्याही उनकी जेब पर हमला बोल देती है। यह मज़ेदार व्यंग्य बताता है — असली ताक़त अब कैप में है, पेन में नहीं!