डॉ मुकेश 'असीमित'
May 21, 2020
Important days
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If you are a tea lover like me, then congratulations, today is the day of all the tea lovers. Yes, I am talking about International Tea Day. previously day was celebrated on 15 December. But with the efforts of India, now 21 May is fixed for this today, so enjoy this post with me while taking sips of your tea
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 20, 2020
Music Songs
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यह गीत जो की सत्यमेव जयते TV शो जिसे आमिर खान ने होस्ट किया था. उसी शो के एक एपिसोड जिसमे कन्या भ्रूण हत्या की ज्वलंत समस्या पर बताया गया था,वहा पर स्वप्नल किरकिरे द्वारा रचित और उन्ही के द्वारा गया यहाँ गीत जिसका संगीत राम संपत द्वारा दिया गया ,इस गीत के बोल इतने प्रभावी है की आपके तन मन को झकोर कर रख दे.
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 20, 2020
Blogs
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Today is my daughter Anushka’s birthday. I feel proud to receive such a unique gift from God. I am thinking that any gift given on her birthday will not match what I received herself as a gift. My daughter turned 18. How fast time flies. It was only a few days ago when I would […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 20, 2020
Poems
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कविता शीर्षक “चलना सच की राह” हमे कैसी भी विपरीत परिस्थितियों में सच का मार्ग नही छोड़ने की प्रेरणा देती है। “चलना सच की राह” (कुण्डली 8चरणचलना सच की राह पर, आज नहीं आसान,झूठ विके झट पट यहां, सच की बंद दुकान,सच की बंद दुकान, बजी झूठों की तूती,झूठे सव आवाद ,बनी सव दुनियां झूठीभाषण […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 19, 2020
Music Songs
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आज जब कोरोना रूपी महामारी में सभी जगह निरशा और अनिष्चितता का अंधेरा छाया हुआ है। ऐसे में एक पुरानी फ़िल्म बातो बातो में का यह गाना शायद आपको जरूर एक आशावान ऊर्जा से भर देगा। आप इस गाने को एक बार अवश्य सुने । आप इसे खुद भी गुनगुनाये। मेरा दावा है यह गाना […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 19, 2020
Business Talk
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वायरस की वजह से जब पूरा देश लॉक डाउन की स्थिति में है ऐसे में व्यापारियों को काफी नुकसान झेलना पड रहा है. प्रबासी मजदूर अपने अपने घरो को लौट रहे है इसलिए शहरो में छोटी ,बड़ी सभी फैक्ट्रीज जहा manual लेबर ज्यादा था वो सब बंद हो गयी है.व्यापारियों को समझ में नहीं आ […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 19, 2020
Poems
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कविता" हरियाली " प्रकृति की खूबसूरती को बयान करती कविता है. किस तरह कवी को श्रावण मास में गाँव का वो स्वछन्द वतावरण और प्रकृति की छटा याद आती है
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 18, 2020
Poems
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गर लौट सका तो जरूर लौटूंगा, तेरा शहर बसाने को।पर आज मत रोको मुझको, बस मुझे अब जाने दो।।मैं खुद जलता था तेरे कारखाने की भट्टियां जलाने को,मैं तपता था धूप में तेरी अट्टालिकायें बनाने को।मैंने अंधेरे में खुद को रखा, तेरा चिराग जलाने को।मैंने हर जुल्म सहे भारत को आत्मनिर्भर बनाने को।मैं टूट गया […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 17, 2020
Lifestyle
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जिस तरह कोरोना महामारी एक विकराल रूप लेकर पूरे विश्ब को चुनोती दे रही है ,उस से पूरा मानव समाज में जो मनोवैज्ञानिक असर पड़ेगा उसकी कल्पना मात्र से ही मन सिहर उठता है.
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 17, 2020
Lifestyle
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जिस तरह से कोरोना खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है उस से तो शायद येही लगता है हमे अब इस कोरोना रुपी राक्षस के साथ जी लेने की आदत डाल लेनी चाहिए . यु तो विश्ब भर में इस महामारी को खत्म करने के अथक प्रयास किये जा रहइ है फिर भी ऐसा लगता है जैसे यह बीमारी विश्ब में कभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं होगी