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Category: व्यंग रचनाएं

love-struck lover wandering in the street of his beloved's neighborhood, looking up with dreamy eyes while the beloved stands on the terrace, blushing. The scene captures the humorous and romantic essence perfectly.

प्यार की नौटंकी –व्यंग रचना

अब तो प्यार भी ‘चट मंगनी पट ब्याह’ की तरह ‘चट प्यार पट ब्रेकअप’ हो गया है. प्यार, जहां पहले सत्यनारायण भगवान के प्रसाद की…

irony and harsh realities of summer heat

गर्मी के तेवर-व्यंग रचना

यह लेख गर्मी की तीव्रता और उसके व्यंग्यात्मक पहलुओं पर केंद्रित है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे व्हाट्सएप पर गलतफहमियाँ फैलाने वाले संदेश गर्मी…

the middle-aged Indian couple at home trying to make a 'Mojito' while watching a YouTube tutorial.

हमारे शहर में भी ‘मोयतो’ की धूम

शहर में नया फास्ट फूड सेंटर खुला है, जहां मोहितो (‘मोयतो’) नामक पेय ने धूम मचा दी है। लेखक ने अपने अनुभव को साझा करते…

A mango with a human face, sipping tea and reading a newspaper with perplexed and amused expressions about mundane events.

दिव्यांग आम-व्यंग रचना -डॉ मुकेश गर्ग

“आम का एक प्रकार है लंगड़ा आम। जब सरकार ने लंगड़ा शब्द को डिक्शनरी से हटा दिया और दिव्यांग शब्द जोड़ दिया, तो फिर आम……

A group of friends at a traditional Indian sweet shop, with one friend explaining to a confused foreigner how jalebi is filled with syrup using an injection

जलेबी -मीठी यादों की रसभरी मिठाई

भारत की बहु-आयामी संस्कृति में एक ऐसी मिठाई है जिसने अपने रंग, रूप और स्वाद से हर उम्र के लोगों को मोहित कर रखा है…

"A cartoon depicting an Indian rural Hindu teacher sleeping on a chair facing the classroom students. The teacher, referred to as 'Marsahab,' is dressed in traditional rural attire. A student is reading aloud from a history book while other students recite in chorus. The background includes typical classroom elements like a blackboard, maps, and desks."

मुझे भी इतिहास बनाना है -हास्य व्यंग रचना

इतिहास से जुड़ी कुछ मजेदार घटनाओं और स्कूल के दिनों की हंसी-मजाक पर आधारित है। कैसे हमारे शिक्षक ‘मारसाहब’ क्लास में सो जाते थे और…

मुफ्त की सलाह -मुफ्त का चन्दन घिस मेरे लाल

कंसल्टेंसी का व्यवसाय तेजी से फल-फूल रहा है, चाहे वो फाइनेंशियल, टैक्स, लीगल, स्टॉक मार्केट, कंपनी, या ज्योतिष कंसल्टेंट हों। पर क्या आप सोच सकते…

दोस्त और दोस्त की बीबी की तकरार -हास्य व्यंग रचना

एक खास सुबह की सैर के दौरान, मेरे कानों में बॉलीवुड के जोरदार संगीत के साथ मैं चल रहा था जब मेरा मित्र मुझसे मिला।…

Satirical commentary on the contemporary practices of naming in the digital age, where traditional religious ceremonies have been replaced by technological solutions and numerology. The article discusses the transformation from culturally rich naming conventions that connected individuals with their religious and family heritage, to a superficial quest for unique and sometimes meaningless names facilitated by specialized websites and numerologists.

नाम बड़े काम की चीज है –हास्य व्यंग रचना-डॉ मुकेश

इस व्यंग्यात्मक रचना में आधुनिक समय में नामकरण की प्रक्रिया के व्यापारीकरण पर कटाक्ष किया गया है। यहाँ बताया गया है कि कैसे परंपरागत रीति-रिवाजों…

"रेलवे की लाइनों में जीवन के उतार-चढ़ाव की गाथा: प्रौद्योगिकी और व्यवहार की चुनौतियों के बीच, सामाजिक चेहरा और व्यक्तिगत जद्दोजहद का आईना।"

टिकट विंडो की लाइन : व्यंग रचना -डॉ मुकेश गर्ग

“रेलवे की लाइनों में जीवन के उतार-चढ़ाव की गाथा: प्रौद्योगिकी और व्यवहार की चुनौतियों के बीच, सामाजिक चेहरा और व्यक्तिगत जद्दोजहद का आईना।” रेलवे के……