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Category: हास्य रचनाएं

A humorous caricature of India’s evolving walls—scribbled childhood chalk drawings, political posters, advertisements, pan stains, and finally transforming into a giant Facebook wall full of posts and memes, symbolizing how expression migrated from real walls to digital ones.

दीवारों का कैनवास और-दीवारें फिर बोल उठी -हास्य व्यंग्य रचना

“दीवारों का कैनवास और-दीवारें फिर बोल उठी  बचपन में ले चलता हूँ… क्या करूँ, सारी मीठी यादें तो बचपन के पिटारे में ही रह गईं।…

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"एक कार्टून कैरिकेचर दृश्य: डॉक्टर सफेद कोट में जज की तरह हथौड़ा मारकर मरीज को पक्का प्लास्टर लगाने की सज़ा सुना रहा है। मरीज पैर पर मोटा प्लास्टर लिए खड़ा है, परिवार वाले पोस्टर लिए विरोध कर रहे हैं–'घर में काम कौन करेगा?' पास में बोर्ड टंगा है–‘डॉ. प्लास्टरलाल एंड कम्पनी: बेसिक, गोल्डन, प्रीमियम पैकेज उपलब्ध।’ दृश्य व्यंग्यात्मक और हास्यपूर्ण।"

काम करने वाला कोई नहीं घर में-satire-humor

मरीज की असली तकलीफ़ टूटी हुई हड्डी नहीं, बल्कि टूटा हुआ घर-गृहस्थी का संतुलन है। डॉक्टर जब पक्का प्लास्टर लगाने का हुक्म सुनाता है तो…

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कार्टून चित्र जिसमें ए.सी. ट्रेन का डिब्बा भूतहा अस्पताल जैसा दिख रहा है। यात्री सफेद चादर ओढ़कर ममी जैसे सोए हैं, चौकीदार लालटेन लिए खड़ा है और एक यात्री डर के मारे सीट ढूंढ रहा है

मम्मी रिटर्न्स: ए सी कोच एडिशन-हास्य व्यंग्य रचना

*”ए.सी. डिब्बे की यात्रा कई बार हॉरर फिल्म जैसी लग सकती है। सफेद चादर ओढ़े यात्री ममी जैसे लगते हैं, और चौकीदार हाथ में लालटेन…

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"कार्टून चित्र में मूषक राज सिंहासन पर बैठे हैं, गले में माला और हाथ में झंडा व कलम है। पीछे गणेश जी खड़े मुस्कुरा रहे हैं। मंच पर ‘मूषक राज स्तुति महोत्सव’ लिखा है। दृश्य हास्य और व्यंग्य से भरपूर है।"

मूषक राज स्तुति-हास्य व्यंग्य रचना

गणेश चतुर्थी पर जहाँ सब गणपति की स्तुति करते हैं, वहीं उनके वाहन मूषकराज की महिमा भी अद्वितीय है। छोटे आकार में विराट शक्ति का…

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"A satirical cartoon of a frightened groom on his wedding stage, looking like a prisoner about to be executed, while relatives enjoy the show and the bride smiles proudly."

आ गए मेरी शादी का तमाशा देखने!-हास्य व्यंग्य रचना

“आ गए मेरी शादी का तमाशा देखने! नाना पाटेकर की झुंझलाहट, दूल्हे का डर और रिश्तेदारों की हंसी—पूरा दृश्य किसी फिल्मी फाँसी के सीन जैसा…

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Cartoon caricature of a man’s oversized belly hanging out of a balcony, blocking the street, while the annoyed neighbor waves a complaint notice.

मैं और मेरा मोटापा – एक प्रेमकथा

“मैं और मेरा मोटापा – एक प्रेमकथा” में तोंद और इंसान का रिश्ता मोहब्बत जैसा दिखाया गया है। पड़ोसी शर्मा जी की खीझ, रिश्तेदारों की…

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एक व्यंग्यात्मक कार्टून रेखाचित्र: खाट पर लेटा हुआ मोटा-सा आदमी पेट बाहर निकला हुआ, कम्बल ओढ़े मुस्कुराता हुआ। बगल में चश्मा पहने बब्बन चाचा खड़े हैं, हाथ में लाठी लेकर उसे डाँटते हुए—“कुछ काम करो!”। दीवार पर लिखा है: “आराम ही धर्म है”.

आराम करो –आराम में ही राम बसा है-हास्य-व्यंग्य

भागम-भाग की ज़िंदगी का असली गणित है—भाग को भाग दो, और उत्तर आएगा ‘आराम’। खाट पर लेटना, कम्बल में दुनिया की फिक्र लपेटना ही असली…

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"कार्टून रेखाचित्र जिसमें एक ऊंघता हुआ चपरासी ऑफिस गेट पर बैठा है, हाथ में बोर्ड पकड़े—‘साहब अवकाश पर हैं’। पास में ताला लगा दरवाज़ा और दीवार पर छुट्टियों से भरा कैलेंडर, साथ ही अफ़सर का चित्र जिसमें वह आरामकुर्सी पर बैठा चाय पीते हुए स्विट्ज़रलैंड की वादियों का सपना देख रहा है।"

अफ़सर अवकाश पर है-हास्य-व्यंग्य रचना

सरकारी दफ़्तरों की असलियत पर यह व्यंग्य कटाक्ष करता है—जहाँ अफ़सर तनख़्वाह तो छुट्टियों की लेते हैं, पर काम के नाम पर बहानेबाज़ी ही उनका…

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कार्टून में कोने में धूल खाती ट्रेडमिल, जिस पर कपड़े टंगे हैं और बच्चे उस पर खेल रहे हैं, सामने पेट सहलाता मालिक खड़ा है।

ट्रेडमिल : घर आया मेहमान-हास्य व्यंग्य रचना

ट्रेडमिल बड़े जोश से घर आया, पर महीने भर में कपड़े सुखाने का स्टैंड बन गया। जैकेट, साड़ियाँ, खिलौने सब उस पर लटकने लगे। वज़न…

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