हरियाली हिंदी कविता महादेव प्रेमी रचित डॉ मुकेश 'असीमित' May 19, 2020 Poems 0 Comments कविता” हरियाली ” प्रकृति की खूबसूरती को बयान करती कविता है. किस तरह कवी को श्रावण मास में गाँव का वो स्वछन्द वतावरण और प्रकृति… Spread the love
नारी जीवन हिंदी कविता महादेव प्रेमी रचित Mahadev Prashad Premi May 18, 2020 Poems 1 Comment नारी जीवन’ कविता नारी के महत्व और समाज में उसके विशेष स्थान का बोध कराती है . “नारी जीवन” (कुण्डली6चरण ) नारी जीवन दायिनी,नारी से… Spread the love
भारत की पलायन करती अर्थव्यबस्था पर कविता डॉ मुकेश 'असीमित' May 18, 2020 Poems 0 Comments गर लौट सका तो जरूर लौटूंगा, तेरा शहर बसाने को।पर आज मत रोको मुझको, बस मुझे अब जाने दो।।मैं खुद जलता था तेरे कारखाने की… Spread the love
“मिटा कभी कोई ” हिंदी कविता महादेब “प्रेमी “द्वारा रचित Mahadev Prashad Premi May 17, 2020 Poems 0 Comments मेरी कविता “मिटा कभी कोई” व्यक्ति के सहस और विवेक की बात करती है की कैसे एक व्यक्ति सहस और विवेक से साधन हीन होते… Spread the love
“गाँवो में दिखता” हिंदी कविता महादेव प्रेमी रचित Mahadev Prashad Premi May 16, 2020 Poems 1 Comment गाँवो में दिखता शीर्षक कविता गाँव के परिद्रश्य को दर्शाती ,आज भी गाँवो को शहरो से श्रेष्ठ होने का आभास कराती है. Spread the love
बुझोबल पहेली संग्रह को समर्पित रचना मनीष “माना” द्वारा May 15, 2020 Poems 2 Comments सुप्र्शिद्ध कवी महादेव प्रेमी द्वारा संकलित एवं रचित प्रथम पुस्तक बुझोबल को समर्पित यह रचना Spread the love
शीर्षकहीन हिंदी कविता -डा संजय जैन रचित Sanjaya Jain May 15, 2020 Poems 0 Comments Many situations, One description. Interpretation is all yours. an untitled poem by Dr. Sanjay Jain Spread the love
व्यग्र पाण्डेजी की प्रथम प्रकाशित पुस्तक ” कौन कहता है… ” पर रचित कविता Maneesh Agrawal Mana May 15, 2020 Poems 0 Comments गंगापुर सिटी का साहित्यकार की दृष्टि से सबका जाना-पहिचाना नाम है व्यग्र पाण्डे । आपके अबतक तीन काव्य-संग्रह किताबगंज प्रकाशन से प्रकाशित हो चुके हैं… Spread the love
“भ्रष्टाचार” हिंदी कविता Mahadev Prashad Premi May 12, 2020 Poems 0 Comments कविता शीर्षक भ्रष्टाचार आज इस व्यापक महामारी जो की कोरोना रुपी महामारी से भी भयानक इस संसार में व्याप्त है,को इंगित करती है. “भ्रष्टाचार”कुण्डली 8चरण… Spread the love
“काम क्रोध मद लोभ” हिंदी कविता Mahadev Prashad Premi May 11, 2020 Poems 0 Comments यह कविता जिसका शीर्षक है” काम क्रोध मद लोभ ” आज के मनुष्य की इन चार विनाशकारी प्रब्रतियो में लिप्त होने की व्यथा व्यक्त करती… Spread the love