अयोध्या और लंका के बीच मनुष्य का धर्म

डॉ मुकेश 'असीमित' Feb 26, 2026 Darshan Shastra Philosophy 0

अयोध्या हमारी पहचान है, लंका हमारी उपलब्धि। धर्म इन दोनों के पार है—जहाँ साहस और विवेक मिलते हैं। रामत्व अधिकार से बड़ा है, और सत्ता से मुक्त होने का नाम है।

सेल्फ-लव नहीं, सेल्फ-जागरूकता ही सच्चा प्रेम है

डॉ मुकेश 'असीमित' Feb 25, 2026 Self Help and Improvements 0

आत्म-प्रेम हर इच्छा पूरी करने का नाम नहीं, बल्कि अपने प्रति कठोर सत्यनिष्ठ होने का साहस है। जागरूकता ही वह शक्ति है जो हमें आत्म-भोग से ऊपर उठाकर वास्तविक विकास की ओर ले जाती है।

पहचान शब्दों से नहीं, साधना से बनती है

डॉ मुकेश 'असीमित' Feb 24, 2026 Self Help and Improvements 0

मनुष्य की पहचान उसके दावों से नहीं, उसके दैनिक चयन और प्रतिबद्धता से बनती है। हम जो निरंतर सोचते और साधते हैं, वही हमारे चरित्र और नियति को आकार देता है।

प्रदर्शनप्रिय मन और आंतरिक स्वतंत्रता की खोज

डॉ मुकेश 'असीमित' Feb 23, 2026 Self Help and Improvements 0

प्रदर्शनप्रिय मन बाहरी स्वीकृति को ही जीवन का आधार बना लेता है। दिखावे की यह प्रवृत्ति भीतर की असुरक्षा को ढकने का प्रयास है। सच्ची स्वतंत्रता तब जन्म लेती है, जब हम तालियों से ऊपर उठकर अपने अंतरात्मा की स्वीकृति को महत्व देते हैं।

पहचान का आईना: आप जो सोचते और साधते हैं, वही आप हैं

डॉ मुकेश 'असीमित' Feb 22, 2026 Self Help and Improvements 0

मनुष्य की असली पहचान उसके दावों से नहीं, बल्कि उसके मन में बसे विचारों, उसके चुने हुए लक्ष्यों और उसके समर्पण से बनती है। हम वही हैं, जिसे पाने के लिए हम समय और ऊर्जा अर्पित करते हैं।

शिक्षा विनम्र बनाती है — या हमने शिक्षा को ही छोटा कर दिया है?

डॉ मुकेश 'असीमित' Feb 20, 2026 Self Help and Improvements 0

शिक्षा विनम्र बनाती है — या हमने शिक्षा को ही छोटा कर दिया है? कहा जाता है—जितना आप शिक्षित होते हैं, उतना ही विनम्र, संवेदनशील और समझदार बनते हैं। शिक्षा केवल डिग्री का नाम नहीं, वह दृष्टि का विस्तार है। वह भीतर का अहंकार गलाकर मनुष्य को मनुष्य बनाती है। लेकिन प्रश्न यह है कि […]

शिव चतुर्दशी : शिव का अर्थ, शिवत्व का रहस्य और हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी

डॉ मुकेश 'असीमित' Feb 13, 2026 Culture 0

शिव केवल देवता नहीं, एक आंतरिक अवस्था हैं। मन, बुद्धि, अहंकार और चित्त के पार जो शुद्ध प्रेम बचता है, वही शिवत्व है। शिव चतुर्दशी पर पढ़ें — शिव के वास्तविक अर्थ, निराकार-साकार स्वरूप और आत्मसाधना पर एक गहन विचार।

आज की समझ से कल की सुरक्षा तक – आपकी वित्तीय शिक्षा की पूरी यात्रा

Anushka Garg Feb 9, 2026 Lifestyle 0

यह लेख व्यक्तिगत वित्त की बुनियादी लेकिन ज़रूरी समझ को सरल हिंदी में प्रस्तुत करता है। इसमें वर्तमान आर्थिक स्थिति को समझने से लेकर कर्ज़ प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण, निवेश रणनीति, कार और घर जैसे बड़े फैसलों तक—हर विषय को व्यवहारिक उदाहरणों के साथ समझाया गया है। यह लेख उन सभी के लिए है जो पैसे को तनाव नहीं, साधन बनाना चाहते हैं।

युवा शक्ति और राष्ट्र-निर्माण: भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

डॉ मुकेश 'असीमित' Jan 19, 2026 Self Help and Improvements 0

भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका युवा मन है—साहसी, आकांक्षी और साफ़ दिल वाला। राष्ट्र-निर्माण केवल सड़क-पुल नहीं, मूल्यों और चरित्र का निर्माण है। जब युवा सेवा, उद्यमिता और नीति-भागीदारी से जुड़ते हैं, तो भविष्य आकार लेता है।

बचपन : अनुशासन की पहली क़ैद या स्वतंत्रता का पहला उत्सव?

डॉ मुकेश 'असीमित' Dec 30, 2025 Lifestyle 0

हम बच्चे के हाथ में खिलौना नहीं, भविष्य थमा देते हैं।” “शरारत दोष नहीं, जीवन की पहली प्रयोगशाला है।” “थोपे गए संस्कार अनुशासन पैदा करते हैं, चेतना नहीं।” “गलती न करने का अभिनय, गलती करने से ज़्यादा अनैतिक है।” “जिस बचपन में शरारत मर जाती है, उस जीवन में साहस कभी जन्म नहीं लेता।”