गंगापुर सिटी का साहित्यकार की दृष्टि से सबका जाना-पहिचाना नाम है व्यग्र पाण्डे । आपके अबतक तीन काव्य-संग्रह किताबगंज प्रकाशन से प्रकाशित हो चुके हैं । ये पुस्तक (कौन कहता है…) इनकी प्रथम पुस्तक है । इसमें गीत ,गजल, दोहे, तुकान्त व अतुकांत कविताएँ साथ ही कुछ लघुकथाएं भी सम्मिलित की गई है । इसका प्रकाशन वर्ष- 2017 है । इस पुस्तक को संपूर्ण देश के पाठकों ने खूब सराहा गया है । इस पुस्तक का विमोचन तात्कालिक उच्च शिक्षा राज्यमंत्री मान. किरण माहेश्वरी जी द्वारा किया गया था ।
मेरे द्वारा रचित यह कविता आपकी प्रथम पुस्तक को समर्पित
है वो खड़ा अचल
सबके दिल में बसता है
मैं हूँ नहीं जग में
कौन कहता है
है आपकी कई विधाएं
कविता-ग़ज़ल-गीत-दोहे
सब हैं अप्रतिम-अद्भुत
सबके मन को मोहे
तुलसी बरगद चाँद गोरैया की
जो भावनाएं रचते हैं
कवि हैं वो ‘ व्यग्र ‘
जो कविताएं लिखते हैं
खुशबू बिखेरे चहुँदिशि
ऐसे जिनके प्रणय गीत हैं
खुशियों के जो माने हैं
लगते जग की रीत हैं
बन परछाई जो सबकी
सदा साथ चलता है
किसके नहीं दिल में
ऐसा कौन कहता है
रचनाकार-कवी मनीष माना
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