The journey to self-sufficient India
The Journey to self sufficient India though seems difficult path,but it is not impossible if every citizen of India takes a firm stand and patience .
India Ki Baat
The Journey to self sufficient India though seems difficult path,but it is not impossible if every citizen of India takes a firm stand and patience .
डा राजशेखर यादव द्वारा लिखित लेख ,जो आज के युग के असली अभिमन्यु ,ये छोटे शहर के छोटे छोटे अस्पताल है ,जो सरकार के चक्र्वुह जाल में फंसकर अपनी अंतिम सांस ले रहे है. लेक बहुत ही प्रासंगिक और समस्या की गंभीरता को प्रदर्शित किये हुए है.
डा राजशेखर यादव पेशे से चिकित्सक है और चिकित्सा सम्बन्धी समसामयिक विषयों पर अपने लेख बात अपने देश की पर प्रकाशित करते रहते है. यह उनका नया लेख आजकल चिकित्सा सेवाओं के मूल्यों को लेकर छिड़ी गर्मागर्म बहस पर आधारित है. और लेखक ने अपने तरीके से समाज में विद्यमान कुछ भ्रांतियों और पुर्बनुमानो को दूर करने का प्रयास किया है
डा राजशेखर यादव द्वारा लिखित लेख वर्तमान में छोटे हॉस्पिटल और क्लीनिक जो की सरकार की भामाशाह या आयुष्मान सरीखी योजनाओं से जुड़े हुए है ,उनकी हालत को ओयो होटल की हालत से तुलना करता एक दिलचस्प लेख आप सभी को व्यंग्य की गुदगुदाती दुनिया से वाकिफ कराएगा.
doctors day पर बात अपने देश की द्वारा सभी चिकित्सक बंधुओ को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाये. इस कोरोना महामारी के संकट में जैसे आप सभी एक जुट होकर अपने कर्तव्य पथ पर डटकर अपनी जान हथेली पर रख कर जूझ रहे है वो किसी सीमा पर रक्षा करने बाले प्रहरी से कम नहीं है. बात अपने देश की पूरी टीम आप योद्धाओ के लिए नतमस्तक है
On July 1, the whole country is celebrating Doctor's Day, Dr. Garima Jain is a doctor by profession, expressing her feelings on Doctors Day through her unique talent of making painting.
रसगुल्ला हिंदी कविता मिठाइयो का बंगाली सरताज रसगुल्ला के ऊपर लिखी एक हंसाती गुदगुदाती कविता है ,पाठको को जरूर पसंद आएगी
प्रस्तुत है मछरदानी के महत्व पर हंसाती गुदगुदाती एक कविता महादेव प्रेमी द्वारा रचित
“दिन जाड़े के आये”कुण्डली6चरण दिन जाड़े के आ गये,सुवहा उठा कुहार,अंग रजाई ना हटे,वाहर लगे फुहार, वाहर लगे फुहार,कि इच्छा हुई खाने की,गाजर हलवा गजक ,पकौडे भी पाने की, “प्रेमी”गुड के संग,बाजरा रोटी खाये,घी मिल जाये साथ,दिना जाडे के आये। रचियता -महादेव प्रेमी
वर्षा का मौसम है ,इस सुहाने मौसम को समर्पित कुंडीली विधा रचित ये कविता पाठको के लिए प्रस्तुत है