मंथन

Sunita Sharma May 20, 2020 Poems 6

रातें क्यूं है सोई सोई दिन की धूप भी है खोई खोई   क्या हुआ ये , कैसा है मंजर हाथों से छूटा, मानव का खंजर   इस खंजर से वो, प्रकृति को नोचता था स्वार्थ में हो अन्धा, कुछ न सोचता था   पक्षी उन्मुक्त हो, कैसे चहचहाए हवाएं भी सुगन्धित होकर गुनगुनाएं   […]

कोरोना काल मे उम्मीद भरा ये गाना

डॉ मुकेश 'असीमित' May 19, 2020 Music Songs 0

आज जब कोरोना रूपी महामारी में सभी जगह निरशा और अनिष्चितता का अंधेरा छाया हुआ है। ऐसे में एक पुरानी फ़िल्म बातो बातो में का यह गाना शायद आपको जरूर एक आशावान ऊर्जा से भर देगा। आप इस गाने को एक बार अवश्य सुने । आप इसे खुद भी गुनगुनाये। मेरा दावा है यह गाना […]

कोरोना (corona) काल में कैसे बचाए अपना व्यापार

डॉ मुकेश 'असीमित' May 19, 2020 Business Talk 0

वायरस की वजह से जब पूरा देश लॉक डाउन की स्थिति में है ऐसे में व्यापारियों को काफी नुकसान झेलना पड रहा है. प्रबासी मजदूर अपने अपने घरो को लौट रहे है इसलिए शहरो में छोटी ,बड़ी सभी फैक्ट्रीज जहा manual लेबर ज्यादा था वो सब बंद हो गयी है.व्यापारियों को समझ में नहीं आ […]

हरियाली हिंदी कविता महादेव प्रेमी रचित

डॉ मुकेश 'असीमित' May 19, 2020 Poems 0

कविता" हरियाली " प्रकृति की खूबसूरती को बयान करती कविता है. किस तरह कवी को श्रावण मास में गाँव का वो स्वछन्द वतावरण और प्रकृति की छटा याद आती है

नारी जीवन हिंदी कविता महादेव प्रेमी रचित

Mahadev Prashad Premi May 18, 2020 Poems 1

नारी जीवन’ कविता नारी के महत्व और समाज में उसके विशेष स्थान का बोध कराती है . “नारी जीवन” (कुण्डली6चरण ) नारी जीवन दायिनी,नारी से संसार,हर रिश्ते की जान,वो वो ही घर परिवार, वो ही घर परिवार,वही ये जग के नाते,नारी शक्ती रूप,प्रेम नारी से पाते, “प्रेमी” नर वुनियाद बनी ,नारी के ही तन,नारी की […]

कोरोना विषाणु और सहअस्तित्व

Dr Shree Gopal Kabra May 18, 2020 Lifestyle 2

अदृश्य जीवों का विलक्षण संसार। मानव अपने बौद्धिक अहंकार में इनके अस्तित्व को तुच्छ मान कर चल रहा था। सोच रहा था, वह सर्वेसर्वा है। सारे जगत का संचालन व नियंत्रण कर सकता है। एक विषाणु – कोरोना वाइरस – ने जीव जगत में मानव को उसकी तुच्छता का अहसास करा दिया। जता दिया कि […]

भारत की पलायन करती अर्थव्यबस्था पर कविता

डॉ मुकेश 'असीमित' May 18, 2020 Poems 0

गर लौट सका तो जरूर लौटूंगा, तेरा शहर बसाने को।पर आज मत रोको मुझको, बस मुझे अब जाने दो।।मैं खुद जलता था तेरे कारखाने की भट्टियां जलाने को,मैं तपता था धूप में तेरी अट्टालिकायें बनाने को।मैंने अंधेरे में खुद को रखा, तेरा चिराग जलाने को।मैंने हर जुल्म सहे भारत को आत्मनिर्भर बनाने को।मैं टूट गया […]

राष्ट्र निर्माण हेतु आत्म अवलोकन-बदलता परिवेश भटकते युवा

Dr Vijendra Gurjar May 17, 2020 India Story 1

राष्ट्र निर्माण में कहीं न कहीं हमें युवा पीढ़ी को सन्मार्ग की ओर लगाने के लिए आत्म अवलोकन करना जरूरी है ,और आत्म अवलोकन कर श्रेष्ठता की ओर ले जाने का प्रण लेना पड़ेगा

कोरोना महामारी का मनोवैज्ञानिक असर, एक नये खतरे का आगाज

डॉ मुकेश 'असीमित' May 17, 2020 Lifestyle 0

जिस तरह कोरोना महामारी एक विकराल रूप लेकर पूरे विश्ब को चुनोती दे रही है ,उस से पूरा मानव समाज में जो मनोवैज्ञानिक असर पड़ेगा उसकी कल्पना मात्र से ही मन सिहर उठता है.

क्या हमे अब सदा के लिए coronavirus के साथ जीना है ?

डॉ मुकेश 'असीमित' May 17, 2020 Lifestyle 2

जिस तरह से कोरोना खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है उस से तो शायद येही लगता है हमे अब इस कोरोना रुपी राक्षस के साथ जी लेने की आदत डाल लेनी चाहिए . यु तो विश्ब भर में इस महामारी को खत्म करने के अथक प्रयास किये जा रहइ है फिर भी ऐसा लगता है जैसे यह बीमारी विश्ब में कभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं होगी