This is my new composition dedicated to all corona warriors Doctors and medical staff.
सम्मान में… (डाॅक्टरों के)
यद्यपि पैदा हुआ
सबकी तरह
धरा पर संतान बन
पर अपने सेवा-भाव
सद्कर्मों से
कहलाने लगता
अवतारी पुरुष
यूँ कहें भगवान
इसलिये कि
वह छीन कर
मौत के आगोश से
ले आता पुन:
शरीर में जीवन
हे श्वेत वस्त्रधारी
संसार तेरा आभारी
जब फैली हो महामारी
तब भी तुम उस पर
पड़ रहे हो भारी
मन करता है
तेरी स्तुति गाऊँ
मंदिर ना सही
पर अस्पताल भी
किसी देवालय से कम नहीं
आकर तुम्हें, सम्मान में
दो शब्द ही कह आऊँ
हे साक्षात् धरती के भगवान
तेरा ॠणी रहेगा इंसान
कभी अपने कर्म से
विचलित ना होना
भगवान ही रहना
आज का इंसान ना होना
व्यग्र पाण्डे, गंगापुर सिटी (राज.)

रचनाकार परिचय
नाम पूर्ण – विश्वम्भर पाण्डेय ‘व्यग्र’
साहित्यिक नाम – व्यग्र पाण्डे
जन्म स्थान – गंगापुर सिटी
स्थाई पता – कर्मचारी कालोनी, गंगापुर सिटी, स.मा. (राज.) 322201
मोबाइल : 9549165579
संप्रति : वरिष्ठ अध्यापक
कार्यक्षेत्र – शिक्षा-विभाग
लेखन विधा – ग़ज़ल, गीत, कविता, लघुकथा, कहानी आदि
प्रकाशन – (1) कौन कहता है… (काव्य-संग्रह)
(2) पाण्डे जी कहिन...(काव्य-संग्रह)
(3) मौन क्यूँ हो ... (कविता-संग्रह)
प्राप्त सम्मान – कई सामाजिक व साहित्यिक सम्मान प्राप्त
लेखनी का उद्देश्य – सामाजिक विसंगतियों पर लिखना
प्रेरणा-पुञ्ज – पंत व निराला
रुचियां – साहित्य लेखन /अध्यापन
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