Mahadev Prashad Premi
May 26, 2020
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“अपनी राह”कुण्डली 8चरण अपनी राह स्वयम् चुनो,तव पाओगे मान,नदियां सागर में मिले,खो अपनी पहचान, खो अपनी पहचान,नदी सागर में मिलती,मीठे जल को छोड़,सभी सागर में ढलती, जव तक अपनी राह,चली पूज्यनिय बनी थी,प्रथक नदी के नाम,साथ सम्मान वही थी, “प्रेमी”मार्ग नेक ,तो सफल होयगी चाह,,सुयश चाहत हो यदि,मत छोडो अपनी राह। रचियता महादेव प्रेमी
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 24, 2020
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कविता शीर्षक “सुख अरु शांति” मानव मन को सच्ची शांति का मार्ग दिखलाती है. कविता का भावार्थ है की हे मनुष्य तू जहा शांति खोज रहा है,बाहर संसार के भौतिक सुखो में शांति पाना असंभव है. असली शांति मनुष्य को तभी मिलेगी जब वो अपने अन्दर झांक कर देखेगा. “सुख अरु शान्ति “कुण्डली 8चरण सुख […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 24, 2020
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“चिडियों को दाना “हिंदी कविता कुंडीली विधा ८ चरण में प्रस्तुत है. कविता का भावार्थ छल और कपट द्वारा मनुष्य जिस तरह एक दुसरे को धोखा दे रहे है ,उसको दर्शाती हुई है. “चिड़ियों को दाना”कुण्डली8चरण चिड़ियों को दाना दिखा,पैर पकड़ता जाल,लोभ करै संसार में,कुछ ऐसा ही हाल, कुछ ऐसा ही हाल,लोभ वश होता रहता,लोभ […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 22, 2020
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“बचपन” (कुण्डली8चरण) बचपन आप सम्हालिए ,देकर प्रेम दुलार,नीति नियम संस्कार दे,बन के दक्ष कुम्हार, बन के दक्ष कुम्हार,जैसे मिट्टी को ढाले,घुमा चाक पर कूट,पीट अग्नि में डाले, ऐसे हर परिवार,बाल बच्चों को पालो,दे संस्कार उदार,नेक जीवन में ढालों, “प्रेमी”इतना करो,लगे उनको अपनापन,मात पिता गुरु शिक्षा,दें तब सुधरे बचपन। रचियता -महादेव प्रेमी
Mahadev Prashad Premi
May 21, 2020
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“जग में भारी ” आज के युग में मोबाइल की महत्ता को दर्शाती कविता है. कैसे मोबाइल आज एक आवश्यक निजी साथी बन गया है. कविता कुंदिली विधा में रची गयी है जिसके ८ चरण है “जग में भारी” (कुण्डली 8चरण) जग में भारी हो रहा,मोबाइल का भूत,झगड़ा दंगे हो ज़हां,पक्का लेय सबूत, पक्का लेय […]
Mahadev Prashad Premi
May 21, 2020
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आज के युग में वृद्ध जानो की व्यथा को बाया करती मेरी यह कविता “वर्द्ध जनों का ” आपको बहुत पसंद आएगी. कविता कुंडली विधा में रचित है जिसमे ८ चरण है. “वृद्ध जनों का”वृद्ध जनों का इस समय,नहीं है चोखो हाल?युवा वाल की इस समय ,बदल रही है चाल , बदल रही है चाल,भुले […]
Mahadev Prashad Premi
May 20, 2020
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कविता शीर्षक “बेटी “,भगवान का सर्वश्रेष्ट आशीर्वाद बेटी के लिए समर्पित. “बेटी”कुण्डली 8चरण बेटी घर की लाडली बेटी घर का प्यार,बेटी एक मुस्कान है,कोमल हृदय उदार, कोमल हृदय उदार,आंगन की खुशवु बिटिया,मात पिता का दर्द,सहज अपनाती बिटिया, वह शाख है न फूल,जहां तितलियां नहीं हो,वो घर भी है नहीं,ज़हां बच्चियां नहीं हो, “प्रेमी” ये महमान […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 20, 2020
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कविता शीर्षक “चलना सच की राह” हमे कैसी भी विपरीत परिस्थितियों में सच का मार्ग नही छोड़ने की प्रेरणा देती है। “चलना सच की राह” (कुण्डली 8चरणचलना सच की राह पर, आज नहीं आसान,झूठ विके झट पट यहां, सच की बंद दुकान,सच की बंद दुकान, बजी झूठों की तूती,झूठे सव आवाद ,बनी सव दुनियां झूठीभाषण […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 19, 2020
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कविता" हरियाली " प्रकृति की खूबसूरती को बयान करती कविता है. किस तरह कवी को श्रावण मास में गाँव का वो स्वछन्द वतावरण और प्रकृति की छटा याद आती है
Mahadev Prashad Premi
May 18, 2020
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नारी जीवन’ कविता नारी के महत्व और समाज में उसके विशेष स्थान का बोध कराती है . “नारी जीवन” (कुण्डली6चरण ) नारी जीवन दायिनी,नारी से संसार,हर रिश्ते की जान,वो वो ही घर परिवार, वो ही घर परिवार,वही ये जग के नाते,नारी शक्ती रूप,प्रेम नारी से पाते, “प्रेमी” नर वुनियाद बनी ,नारी के ही तन,नारी की […]