लग गयो सावन तन-मन पर: श्रावण, कविता और संगीत का भावपूर्ण संगम
सावन की बूँदें जब तन के साथ मन को भी भिगोती हैं, तब शब्द कविता बनकर कागज पर उतरते हैं। पढ़िए विशंभर पाण्डेय ‘व्यग्र’ के काव्य-गीत का भाव, संपूर्ण गीत और उसकी संगीतमय प्रस्तुति की कहानी।
सावन की बूँदें जब तन के साथ मन को भी भिगोती हैं, तब शब्द कविता बनकर कागज पर उतरते हैं। पढ़िए विशंभर पाण्डेय ‘व्यग्र’ के काव्य-गीत का भाव, संपूर्ण गीत और उसकी संगीतमय प्रस्तुति की कहानी।
यह रचना संत कबीर की किसी मूल वाणी का शब्दशः गायन नहीं, बल्कि कबीर के निर्गुण दर्शन से प्रेरित डॉ. मुकेश असीमित की मौलिक प्रस्तुति है।नाम बिना क्या पाया? — तन माटी रो पुतला एक भावपूर्ण Kabir Nirgun Bhajan है, जो मनुष्य को धन, शरीर और सांसारिक वैभव के अभिमान से ऊपर उठकर सच्चे नाम की ओर देखने का संदेश देता है। यह fast version कबीर-भाव से प्रेरित एक मौलिक निर्गुण रचना है। गीत याद दिलाता है कि राजमहल, सोना-चाँदी, गाजे-बाजे और शरीर का अभिमान—सब यहीं रह जाता है। अंततः मनुष्य के साथ केवल उसके कर्म, भक्ति और सच्चे नाम का सहारा जाता है।
पेपर लीक के विरोध से शुरू हुई ज़ेन ज़ी की किरांति एक इस्तीफ़े के बाद होटल की पार्टी तक पहुँच गई। मगर क्या मंत्री का त्यागपत्र मिलते ही व्यवस्था सुधर गई, भ्रष्टाचार समाप्त हो गया और विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित हो गया? नई पीढ़ी की आंदोलन-शैली, रील, वाइब, वाटर कैनन और रिज़ाइन-पार्टी पर चुटीला व्यंग्य।
“फट जाएंगे” एक मनोरंजक लेकिन प्रभावशाली एंटी-स्मोकिंग रैप गीत है, जो हास्य, व्यंग्य और बॉलीवुड गिटार संगीत के माध्यम से युवाओं को सिगरेट एवं निकोटीन की लत से बचने का संदेश देता है। डॉ. मुकेश असीमित द्वारा लिखित यह गीत स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संस्थाओं और नो-टोबैको अभियानों के लिए एक उपयोगी जनजागरूकता प्रस्तुति है।
भारत की मातृभूमि, नदियों, खेतों, पर्वतों और प्राकृतिक सौंदर्य को समर्पित ‘वंदे मातरम्’ की मूल भावना का सरल हिंदी में गीतात्मक रूपांतरण। इस भावपूर्ण देशभक्ति गीत के बोल पढ़ें और इसकी संगीतमय प्रस्तुति YouTube पर सुनें।