डॉ मुकेश 'असीमित'
Aug 9, 2025
Poems
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रक्षा सूत्र का संकल्प सिर्फ परंपरा नहीं, यह भय के अंधेरों में जलती प्रतिज्ञा की मशाल है। नाज़ुक धागे में बंधा विश्वास, समाज की दरारों में फैली दरिंदगियों को राख कर, नए जीवन की नींव रखता है। यह वादा है — ढाल बनने का, साथ खड़े रहने का।
Poonam Chaturvedi
Jul 23, 2025
समसामयिकी
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संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2025 को 'अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष' घोषित किया जाना भारत के सहकारी आंदोलन के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। “सहकार से समृद्धि” की दृष्टि के साथ, भारत वैश्विक मंच पर अपनी भागीदारी दर्शा रहा है। नीतिगत सुधार, तकनीकी नवाचार, और सामुदायिक भागीदारी—ये तीन स्तंभ सहकारिता को सतत विकास की दिशा में सशक्त बनाएंगे।