मद्रास की हाईकोर्ट ने 16 से कम उम्र के किशोर को सोशल मीडिया बैन करने के सुझाव और ऑस्ट्रेलिया में भी सोशल मीडिया पर बैन की खबर पढ़ कर देश भर के किशोर न केवल चिंतित थे वरन शोर मचा रहे हैं कि सोशल मीडिया चला जाएगा तो उनकी तलब का क्या होगा। सोशल मीडिया से दिन रात जुड़े किशोर निवान के सोशल.मीडिया में डूबे रहने की चाह ने सारी चाहतों को दरकिनार कर दिया।
नाना के घर आए भयंकर रूप से सोशल मीडिया में मशगुल रहने वाले नाती निवान को इन दोनों खबरों को सोशल मीडिया पर जानने के बाद इस चिंता ने उसे झकझोर कर दिया और
किंकर्तव्य विमुढ कर दिया । वह स्मार्टफोन की लत से मुक्त होना नहीं चाहता ।निवान भाई के सोशल मीडिया के बेहताशा प्रयोग पर नानाजी चिंतित होकर बोले ऑस्ट्रेलिया में किशोरों का सोशल मीडिया पर बैन लगाने और हाई कोर्ट के सुझाव को देखकर कई स्थानों पर स्मार्टफोन को बैन करने के निर्णय से
कई किशोर की बेचैनी बढ़ गई है वह बोला बिगड़ी सांस्कृतिक परंपरा को रोकने के लिए स्मार्टफोन बैंन के सख्त फैसले ने संचार क्रांति को धूमिल करने का प्रयास किया है इस. क्रांति ने सोशल मीडिया इंटरनेट के जरिए लोकल से ग्लोबल बना दिया है।
इस बीच पं शिवनारायण जी बोले मोहल्ले के चार-पांच किशोर चौराहे पर खड़े बात कर रहे थे और मैंने देखा एक किशोर सोशल मीडिया स्मार्टफोन पर बैन की बात को लेकर रोष जाहिर कर रहा था लेकिन आसपास खड़े सभी किशोर सोशल मीडिया में मशगुल थे उनकी मशगुली को देखकर प्रतिक्रिया करना देने वाला किशोर बिहारी बोला ..अरे मेरी बात सुन लो ,मोबाइल चलाना बंद हो जाएगा तो हम सब क्या करेंगे । घर वालों ने पढ़ाई करने के बहाने स्मार्टफोन तो दिला दिए लेकिन हमने पढ़ाई की तो वाट लगा दी और स्मार्टफोन से हम और ज्यादा स्मार्ट हो गए हैं। लोगों को दूसरों की स्मार्टनेस पर आखिरी इतनी जलन, ईर्ष्या क्यों होती है ।इस पर दूसरे किशोर निर्मल ने इस पर चिंता पर हामी जरूर भरी लेकिन सभी को करेज दिलाते हुए बोला सोशल मीडिया अकाउंट पर उम्र सीमा तय करना चाहिए। हम लोग युवावस्था की दहलीज पर है हमें अपने करियर और कैरेक्टर को बनाना है जिसके लिए स्मार्टफोन जरूरी है। यदि हमारा स्मार्टफोन बंद होगा तो गेमिंग बंद हो जाएंगे तो क्या हम गिल्ली डंडा और सितोलिया खेलेंगे ! इस पर एक अन्य किशोर रामजी बोला सोशल मीडिया बैन करने के लिए हमारी ही उम्र पर गाज गिराई गई है, अरे अधेड़ पार लोग घंटो मोबाइल चलाते हैं उनके मोबाइल देखो तो आंखें खुल जाएगी वह इतने व्यस्त रहते हैं कि मेहमान कब आया और कब चला गया, किस बात के लिए आया था ,मेहमान क्या कह गए यह सब सोशल मीडिया चबा गया। वे यह सब चलाते-चलाते सोचते रहते हैं कि यह कब टले और मैं सोशल मीडिया में धंस जाऊं । इस पर मूंछों की कोर आने वाला किशोर गौरव बोला हमें ही स्मार्टफोन से अदावत लेने की बात क्यों सोचते हैं । उनके घर में जब भी कोई मिलने का आने का फोन करता है उन्हें ठर्रे चढ़ जाते हैं और बोलते है कि मोबाइल चलाने में साले डिस्टर्ब करेंगे, बावजूद इसके वे आ धमकते हैं ।इस पर ड्राइंग रूम के चारों कोने स्मार्टफोन से स्मार्ट हो जाते हैं सोफे पर आए आगन्तुक थोड़ी बहुत बात कर वे भी मोबाइल में व्यस्त हो जाते हैं। जबकि घर के सभी अलग-अलग कोनों पर मोबाइल पर एंगल जमा कर बैठे रहते हैं ।किशोर झुंझलाकर बोला अरे बैन लगाओ तो इन बुजुर्गों के स्मार्टफोन को डिमार्ट करो ।तब जाने…!
इस पर किशोरो के स्मार्टफोन पर बैन पर गहरा रोष जताते हुए एक नवेला किशोर बोलता है कि अरे बुड्ढे टुड्ढे कैसी-कैसी रील बनाते हैं यह किसी से छुपा है क्या । रात में ही वे गुड मॉर्निंग कर लेते हैं और दिन में गुड नाइट मैसेज को फॉरवर्ड करने से चुकते नहीं है । ऐसा कोई तीज त्यौहार नहीं रहता है कि वह बधाई लेने और देने से चूकते हो लेकिन रूबरू मिलने पर नमस्ते की जेहमत भी नहीं उठाते हैं और उन्हे जानते भी नहीं है ।लेकिन सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं देकर अपने स्मार्टफोन चलाने की मनोकामना पूरी करते हैं ।इस पर एक चपल किशोर बोला हमारे सोशल मीडिया पर बैन से हमारी अधीरता और बढ़ जाएगी गुस्सा चरम पर होगा ,हमारी रिले ,हमारी पढ़ाई ,हमारी मिलन सरिता ,हमारी लोकप्रियता मेल मिलाप ,हमारे लाइक ,हमारे शेयर, हमारे मैसेज सब पर पलीता लग जाएगा ।ऐसे में हमारा स्मार्टफोन बैन करने वाले क्या चैन पाजाएंगे ।अरे हद तो उस वक्त हो जाएगी जब किशोर से स्मार्ट फोन छूट जाएगें तब वे सुसाइड की साइड पकड लेंगे । तब तब घर वाले ही बेन को बत्ती देकर हमें चोरी छिपे हमें मोबाइल देने को बाध्य होंगे
।
इस पर एक किशोर बोला हमारे स्मार्टफोन बैन होने से गर्ल फ्रेंड बॉय फ्रेंड ,यहां तक कि पूरी फ्रेंडशिप फ्रॉड हो जाएगी अरे हमारा स्मार्टफोन छीन कर हमारे कौशल हमारी एक्टिविटी को ब्लॉक कर वे हमें किताबों के पन्ने पलटने दोस्तों से मिलने रिश्तेदारी निभाने और परिवार से मिलने की सोचते हैं तो यह बड़ी गंभीर चूक है हमारी स्मार्ट हमारी स्मार्टफोन की लत छीन कर और तालाब घटकर अपने लबों पर मुस्कान ले आएंगे यह जोखिम भरने नहीं होगा हां हमें स्मार्टफोन से दूर करना है तो शर्तें लागू कर इसे दूरी बना सकते हैं शर्तों में स्मार्टफोन चलाने की का समय निर्धारित करें समय की छूट दी जाए ताकि हम सोशल मीडिया और स्मार्टफोन से विश्व में अपनी साख जमा सके और लोकल से ग्लोबल बन सके।
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