घुटने का Grease खत्म हो गया? Knee Pain और Arthritis की असली वजह जानिए

घुटने का “ग्रीस” खत्म हो गया? असली कहानी कुछ और है!

डॉ. मुकेश गर्ग, ऑर्थोपेडिक सर्जन

“डॉक्टर साहब, मेरे घुटनों का ग्रीस खत्म हो गया है।”

घुटने के दर्द से परेशान मरीजों से यह वाक्य मैं अक्सर सुनता हूँ। किसी ने उन्हें बताया होता है कि घुटने में ग्रीस कम हो गई है, किसी को लगता है कि अब इंजेक्शन लगाकर ग्रीस दोबारा भरवानी पड़ेगी और कुछ लोग तो यह मानकर बैठ जाते हैं कि एक बार ग्रीस खत्म हुई तो अगला पड़ाव सीधे Knee Replacement ही है।

लेकिन क्या हमारे घुटने वास्तव में किसी मशीन की तरह हैं, जिनमें समय-समय पर ग्रीस डालनी पड़ती है?

नहीं। बात इतनी सरल नहीं है।

घुटने में आखिर यह “ग्रीस” क्या है?

हमारा घुटना एक जीवित joint है, मशीन का hinge नहीं। Joint के भीतर Synovial Fluid नाम का प्राकृतिक द्रव होता है, जो joint surfaces के बीच friction कम करने और movement को smooth रखने में मदद करता है।

इसके साथ हड्डियों के सिरों पर Articular Cartilage की चिकनी परत होती है। यह cartilage movement को सहज बनाने और load को distribute करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसलिए जब कोई कहता है कि “घुटने का ग्रीस खत्म हो गया”, तो यह चिकित्सा की दृष्टि से पूरी कहानी नहीं बताता।

अक्सर असली समस्या cartilage में degeneration, joint structure में बदलाव और inflammation से जुड़ी होती है।

हर घुटने का दर्द Arthritis नहीं है

यह दूसरी बड़ी गलतफहमी है।

घुटने में दर्द हुआ और तुरंत निष्कर्ष निकाल लिया—“Arthritis हो गया।”

जबकि knee pain के कई कारण हो सकते हैं। किसी को पुरानी injury के कारण दर्द हो सकता है, किसी को muscles की कमजोरी या mechanical problem से, किसी में inflammation हो सकता है और किसी में वास्तव में osteoarthritis हो सकता है।

इसलिए सिर्फ दर्द के आधार पर diagnosis तय नहीं किया जाना चाहिए।

पहले कारण समझिए, फिर इलाज चुनिए।

Arthritis एक दिन में नहीं होता

Osteoarthritis आम तौर पर धीरे-धीरे विकसित होने वाली प्रक्रिया है।

शुरुआती अवस्था में cartilage और joint में अपेक्षाकृत छोटे बदलाव हो सकते हैं। आगे चलकर joint space कम हो सकती है, osteophytes यानी bone spurs विकसित हो सकते हैं और advanced stage में deformity तथा movement limitation तक हो सकती है।

लेकिन यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि—

हर मरीज शुरुआत से severe stage में नहीं होता।

और यही वह जगह है जहां समय पर पहचान बहुत मायने रखती है।

Early Stage वास्तव में “Golden Time” है

कई मरीज तब डॉक्टर के पास आते हैं जब दर्द काफी बढ़ चुका होता है। जबकि शुरुआती अवस्था में ही lifestyle और muscle strength पर ध्यान देना अधिक उपयोगी हो सकता है।

इस समय चार चीजों पर विशेष ध्यान दिया जाता है—weight control, muscle strengthening, activity modification और आवश्यकता के अनुसार physiotherapy।

यदि वजन अधिक है तो उसे नियंत्रित करना knee joint पर पड़ने वाले mechanical load को कम करने में मदद कर सकता है। लेकिन केवल वजन कम करना ही पर्याप्त नहीं है।

घुटने के आसपास की मांसपेशियों—विशेषकर quadriceps—की strength भी महत्वपूर्ण है।

“मैं तो रोज Walking करता हूँ”—लेकिन क्या इतना पर्याप्त है?

Walking अच्छी physical activity है। लेकिन knee pain के हर मरीज के लिए केवल walking को ही complete treatment मान लेना सही नहीं है।

कई बार मरीज कहते हैं—

“मैं रोज तीन किलोमीटर चलता हूँ, फिर भी घुटना क्यों दुखता है?”

क्योंकि Walking और Strengthening एक ही चीज नहीं हैं।

यदि thigh muscles कमजोर हैं, तो केवल walking की दूरी बढ़ाते जाना कुछ मरीजों में discomfort बढ़ा सकता है।

इसलिए बेहतर सोच है—

Walking + Appropriate Muscle Strengthening

कितना चलना है, कौन-सी exercise करनी है और किस intensity से करनी है—यह व्यक्ति की उम्र, वजन, muscle strength, arthritis की अवस्था और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार अलग हो सकता है।

सीढ़ियां चढ़ते समय दर्द ज्यादा क्यों होता है?

बहुत से मरीज सामान्य जमीन पर चल लेते हैं, लेकिन सीढ़ियां चढ़ने-उतरने, कुर्सी से उठने या squat जैसी गतिविधियों में दर्द बढ़ जाता है।

इसका अर्थ अपने-आप यह नहीं कि अचानक “ग्रीस खत्म” हो गई।

इन गतिविधियों में knee joint और आसपास की muscles पर mechanical demand बदलती है। यदि cartilage में degeneration, patellofemoral problem या muscle weakness पहले से मौजूद है तो symptoms अधिक महसूस हो सकते हैं।

इसलिए दर्द किस activity में होता है, यह diagnosis के लिए महत्वपूर्ण जानकारी है।

क्या Knee Injection का मतलब “ग्रीस भरना” है?

यह भी एक आम धारणा है।

मरीज कई बार पूछते हैं—

“डॉक्टर साहब, एक बार ग्रीस वाला इंजेक्शन लगवा लें?”

कुछ परिस्थितियों में डॉक्टर अलग-अलग प्रकार के intra-articular injections पर विचार कर सकते हैं, लेकिन इसे सरल भाषा में “खत्म हुई ग्रीस को refill करना” समझ लेना उचित नहीं है।

हर injection हर मरीज के लिए नहीं होता।

Selected patient + सही indication + सही clinical assessment जरूरी है।

इसलिए केवल यह सुनकर कि किसी परिचित को injection से फायदा हुआ था, वही treatment अपने लिए तय नहीं करना चाहिए।

फिर Knee Replacement कब?

यह शायद knee arthritis से जुड़ा सबसे बड़ा डर है।

X-ray देखकर मरीज घबरा जाता है—

“अब तो घुटना बदलवाना पड़ेगा!”

लेकिन Knee Replacement का निर्णय केवल X-ray देखकर नहीं किया जाता।

मरीज का दर्द कितना गंभीर है, रात में दर्द होता है या नहीं, चलने की क्षमता कितनी प्रभावित हुई है, रोजमर्रा के काम कितने मुश्किल हो गए हैं, deformity और clinical findings क्या हैं और non-operative treatment से पर्याप्त राहत मिली या नहीं—इन सबको साथ देखकर निर्णय लिया जाता है।

इसलिए X-ray खराब दिखने का अर्थ अपने-आप operation नहीं है।

और दूसरी ओर, जब बीमारी इतनी बढ़ चुकी हो कि दर्द और disability जीवन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हों, तब केवल operation के डर से वर्षों तक असहनीय दर्द सहते रहना भी उचित नहीं।

इलाज का उद्देश्य X-ray को सुंदर बनाना नहीं, मरीज का जीवन बेहतर बनाना है।

अपने घुटनों के लिए चार बातें याद रखिए

घुटनों को लंबे समय तक सक्रिय रखने के लिए किसी चमत्कारी तेल, दवा या “ग्रीस बढ़ाने” वाले नुस्खे की तलाश से अधिक महत्वपूर्ण है नियमित movement, उचित strengthening, वजन पर नियंत्रण और समस्या होने पर सही समय पर उचित treatment।

सबसे बड़ी गलती यह है कि दर्द को महीनों-सालों तक केवल “उम्र का असर” कहकर टालते रहें।

उम्र बढ़ना स्वाभाविक है।

लगातार दर्द में जीना स्वाभाविक मान लेना जरूरी नहीं।

आखिर में सिर्फ पांच बातें

“Grease खत्म हो गई” घुटने की बीमारी की पूरी व्याख्या नहीं है।
हर Knee Pain Arthritis नहीं है।
Early stage में सही कदम उठाना महत्वपूर्ण है।
Walking के साथ appropriate strengthening भी जरूरी हो सकती है।
Knee Replacement का निर्णय केवल X-ray नहीं, मरीज की पूरी clinical स्थिति देखकर होता है।

इसलिए अगली बार कोई आपसे कहे—

“आपके घुटने का ग्रीस खत्म हो गया है…”

तो घबराइए मत।

पहले यह समझिए कि घुटने में वास्तव में समस्या क्या है।

क्योंकि सही इलाज की शुरुआत किसी “ग्रीस” से नहीं, सही diagnosis से होती है।


डॉ. मुकेश गर्ग
Orthopaedic Surgeon
Health Ki Pathshala
सही जानकारी • सही समय • सही इलाज

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य-जागरूकता के उद्देश्य से है। लगातार दर्द, सूजन, deformity, locking, instability या चलने में परेशानी होने पर व्यक्तिगत जांच और चिकित्सकीय सलाह आवश्यक है।

डॉ मुकेश 'असीमित'

डॉ मुकेश 'असीमित'

लेखक का नाम: डॉ. मुकेश गर्ग निवास स्थान: गंगापुर सिटी,…

लेखक का नाम: डॉ. मुकेश गर्ग निवास स्थान: गंगापुर सिटी, राजस्थान पिन कोड -३२२२०१ मेल आई डी -thefocusunlimited€@gmail.com पेशा: अस्थि एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ लेखन रुचि: कविताएं, संस्मरण, व्यंग्य और हास्य रचनाएं प्रकाशित  पुस्तक “नरेंद्र मोदी का निर्माण: चायवाला से चौकीदार तक” (किताबगंज प्रकाशन से ) काव्य कुम्भ (साझा संकलन ) नीलम पब्लिकेशन से  काव्य ग्रन्थ भाग प्रथम (साझा संकलन ) लायंस पब्लिकेशन से  अंग्रेजी भाषा में-रोजेज एंड थोर्न्स -(एक व्यंग्य  संग्रह ) नोशन प्रेस से  –गिरने में क्या हर्ज है   -(५१ व्यंग्य रचनाओं का संग्रह ) भावना प्रकाशन से  प्रकाशनाधीन -व्यंग्य चालीसा (साझा संकलन )  किताबगंज   प्रकाशन  से  देश विदेश के जाने माने दैनिकी,साप्ताहिक पत्र और साहित्यिक पत्रिकाओं में नियमित रूप से लेख प्रकाशित  सम्मान एवं पुरस्कार -स्टेट आई एम ए द्वारा प्रेसिडेंशियल एप्रिसिएशन  अवार्ड  ”

Comments ( 0)

Join the conversation and share your thoughts

Comments are closed for this post.

No comments yet

Be the first to share your thoughts!