“तिनका ” हिंदी कविता by Mahadev premi

Mahadev Prashad Premi May 7, 2020 Poems 0

आज की मेरी कविता उन दुराभावो को दूर करने के लिए प्रेरित है जिस के चलते हम अपने से तुच्छ या नीचे ओहदे बाले व्यक्तियों कोइ सैदेव उलाहना या निंदा करते है. किसी भी व्यक्ति विशेष को उसके पद या हैसियत के हिसाब से छोटा या नीच नहीं समझना चाहिए,परिस्थितिया आपके प्रतिकूल होने पर ही […]

Kalyug (कलयुग) हिंदी कविता by Mahadev Premi

Mahadev Prashad Premi May 5, 2020 Poems 0

कलयुग की उल्टी लीला से सभी सामना कर रहे है. कलयुग के रूप में जो उल्टी गंगा बह रही है उसका सटीक वर्णन करती हुई यह कविता आपके समक्ष प्रस्तुत है “कलयुग” कलयुग झूठ अधार है,कलयुग बेईमान,कपट, द्वेष ,पाखंड सब, हैं अवगुण की खान, है अवगुण की खान ,कि भोगी योगी बन गये,चोर लुटेरे साधु […]

Duniyadaari (दुनियादारी ) हिंदी कविता by Mahadev ‘Premi “

Mahadev Prashad Premi May 5, 2020 Poems 0

Duniyadaari (दुनियादारी ) kundili रचना इस दिनिया के मायाजाल को देख कर बनायीं है ,कैसे मनुष्य इस मायाजाल में फंसकर अपनी साड़ी जिंदगी व्यर्थ क्र देता है और जो उसका परम उद्देश्य इस जीवन में अपने आपको पहचानने का है उसको भूल गया है.

“चटनी और अचार” हिंदी कविता -by Mahadev Premi

Mahadev Prashad Premi May 4, 2020 Poems 0

जैसा की आप सभी जानते है भारतीय पाक कला विज्ञान में पुरातन काल से ही चटनी और अचार का विशेष महत्व है. हमारे नित प्रतिदिन के खानपान में इसका समावेश रहता है. यह न केवल एक प्रकार से खाने का मेनू बढाने के लिए है बल्कि इसका एक वैज्ञानिक कारन है. यहाँ भारत का परम्परिक सूप है जो भूख बढाता है तथा पाचन शक्ति की व्रद्धि करता है. आज की मेरी कविता इसी पाक विशेष "चटनी औ अचार " को समर्पित है.

कोरोना की दीक्षा हिंदी कविता

Vyagra Pandey May 3, 2020 Poems 0

आज कोरोना संकट से जूझ रहे विश्व पर मेरी ये विशेष रचना “कोरोना की दीक्षा ” प्रस्तुत कर रहा हु. कोरोना रुपी इस बह्यानक महालाल में हर मनुष्य अपने आप को मनुष्य बनाए रखे यह इस कोरोना रुपी संकट से उबरने के लिए नितांत आवश्यक है कोरोना की दीक्षा है … “”””””””””” “””””””””””””” तू तेरे […]

“लाठी” हिंदी कविता (Laathi Hindi Poem ) by Mahadev ‘Premi ‘

Mahadev Prashad Premi May 3, 2020 Poems 0

आज की मेरी कविता लाठी को समर्पित. जी हा लाठी, हमारे देश के पुरातन काल का सबसे ज्यादा प्रचलित हथियार है जो बहुद्देशीय है और हमारी संस्कृति का एक अभिन्न अंग है. आइये जानिये कैसे लाठी का एक महत्वपूर्ण योगदान हमारी दीनिक जीवन चर्या में है इस कविता के माध्यम से “लाठी” लाठी हथियन देखकर,खड़े […]

Patang (kite) पतंग Hindi poem by Mahadev Premi

Mahadev Prashad Premi May 2, 2020 Poems 0

आज की मेरी कविता पतंग और पतंग बाजी को समर्पित. हमारे देश में पतंगबाजी खेल एवं मनोरंजन की ऐसी विधा है जो देश के हर कोने में पायी जाती है. लोग त्यौहार या किसी खुशी के अवसर पर परिवार के साथ इस पतंबाजी का शौक पूरा करते है. देश में कई जगह पतंग महोत्सव भी […]

Corona (कोरोना) Hindi poem by Mahadev Premi

Mahadev Prashad Premi Apr 30, 2020 Poems 0

पूरा विशव इस कोरोना रुपी महामारी से पीड़ित है ऐसे में मुझ से भी रहा नहीं गया.एक छोटी सी रचना इस कोरोना रुपी राक्षस को समर्पित है The whole world is suffering from this corona pandemic, in such a situation, why should I be behind. A small composition is attributed to this corona monster. “कोरोना”जब […]

Rituraaj(ऋतुराज ) Hindi Poem by mahadev premi

Mahadev Prashad Premi Apr 28, 2020 Poems 0

When the season of Rituraaj (spring) comes, it is as if the whole nature of the world is in its full swing, enjoying and celebrating the youth. Suppose that the entire earth's makeup is being done. Kavi has put these feelings in the poem and presented it to you.